पत्नी की हत्या कर शव के 72 टुकड़े करने वाले राजेश गुलाटी की शार्ट टर्म बेल बढ़ी

 
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नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे राजेश गुलाटी को राहत देते हुए बुधवार को उसकी अल्पकालिक जमानत (शार्ट टर्म बेल) बढ़ा दी। यह दूसरी बार है जब अदालत ने उन्हें शार्ट टर्म बेल के मामले में राहत दी है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ में राजेश गुलाटी की ओर से पेश जमानत याचिका पर आज सुनवाई की। याची की ओर से कहा गया कि उसकी सर्जरी हुई है और चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष मेडिकल दस्तावेज भी पेश किये गये। अदालत ने अंत में राजेश गुलाटी को राहत देते हुए 21 दिन की अल्पावधि जमानत बढ़ा दी। इससे पहले भी अदालत ने राजेश गुलाटी को 45 दिन और 10 दिन की शार्ट टर्म बेल दी थी।
पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने 17 अक्टूबर, 2010 को देहरादून में अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की निर्मम हत्या कर दी थी। शव के 72 टुकड़े कर डीप फ्रिजर में छिपा दिया था।
देहरादून की अदालत ने इस हत्याकांड को जघन्य मानते हुए 01 सितम्बर, 2017 को राजेश गुलाटी को आजवीन कारावास की सजा सुना दी थी। गुलाटी की ओर से निचली अदालत के आदेश के खिलाफ 2017 में उच्च न्यायालय में अपील दायर की गयी थी।

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