उत्तरखंड के सभी सरकारी व निजी उच्च शिक्षण संस्थान अग्रिम आदेश तक बंद

 
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देहरादून, । उत्तराखंड के समस्त राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। राज्य मेंऑनलाइन माध्यम से पठन-पाठन जारी रहेगा। 

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के पश्चात राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं तथा कार्मिकों सहित आमजन मानस की सुरक्षा के निमित्त राज्य के समस्त राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश शासन द्वारा जारी किया गया है। 

इसके पूर्व कोविड 19 के पहली लहर के पश्चात विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू करने के उद्देश्य से शासन द्वारा 01 मार्च से ऑफलाइन मोड में भौतिक रूप से खोला गया था। संक्रमण रोकथाम एवं व्यापक जन सुरक्षा के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को पुनः बंद करने का आदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत किया गया है। छात्र-छात्राओं के अध्ययन के व्ययधान को कम करने के उद्देश्य से ऑनलाइन माध्यम से पठन-पाठन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। महाविद्यालयों में ऑनलाइन माध्यम से पठन-पाठन को सुचारू बनाये रखने के उद्देश्य से समस्त राजकीय महाविद्यालयों में प 4जी की सेवा उपलब्ध करा दी गयी है। ऑनलाइन पठन पाठन की मॉनिटरिंग शासन एवं निदेशालय द्वारा समय समय पर होती रहेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को अपने मुख्यालय पर बने रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की ओर से कहा गया है कि सरकार छात्रों सहित आमजनमानस के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति गंभीर है । छात्र छात्राओं के पठन-पाठन को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा, जिसके लिए सरकार द्वारा ऑनलाइन शिक्षण हेतु 4G इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने सहित हर संभव प्रयास किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य के साथ साथ शिक्षा भी है । उत्तराखण्ड शासन द्वारा दिनांक 28 अप्रैल को जारी शासनदेश संख्या 329/ xxxi(15)G/ 2020-04(सा)/2021 के अनुपालन के क्रम में शासकीय कार्यालयों में समूह क , ख, ग एवं घ कार्मिकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु भी निर्देश दिया गया है। जिसके क्रम में समूह क एवं ख वर्ग की उपस्थिति शत प्रतिशत तथा समूह ग एवं घ वर्ग के कार्मिकों की 50 प्रतिशत उपस्थिति चक्रण के आधार पर होगी। इसके साथ ही दिनांक 11 दिसम्बर 2020 के शासनादेश तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय समय पर कोविड 19 से सुरक्षा के निमित्त निर्गत दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। 

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