देहरादूनः कोरोना चेन ब्रेक को लेकर सरकार उठा रही प्रभावी कदम

 
देहरादूनः कोरोना चेन ब्रेक को लेकर सरकार उठा रही प्रभावी कदम

देहरादून।  कोरोना  चेन को ब्रेक को लेकर सरकार हर प्रभावी कदम कदम उठा रही है। हमारी रणनीति पहले टेस्टिंग,ट्रेसिंग आइसोलेशन, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन इन पांच चरणों की प्रक्रिया है। जोखिम जोन में संक्रमण रोकथाम के सभी पहलु पर काम किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू की अवधि बढ़ा दी गई है।

सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने मीडिया बीफ्रिंग में बताया राज्य में कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है। 90 प्रतिशत संक्रमित आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। कोरोना बचाव के लिए 45 वर्ष से ऊपर वालों के टीकाकरण के लिए 2 लाख डोज पहुंच रही है।  वैक्सीनेशन कार्यक्रम सतत चल रहा है। 

उन्होंने कहा कि गांवों में बाहर से आने वाले होम आइसोलेशन में सही तरीके से रहे, इसकी मानिटरिंग पंचायत राज विभाग द्वारा की जा रही है। प्रधानों को यह जानकारी दी जा रही है कि उनके गांव में कौन से लोग बाहर से आकर ठहरे हैं। युवा कल्याण विभाग को भी इस काम में लगाया गया है। युवक और महिला मंगल दलों का सहयोग भी लिया जा रहा है।  

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि प्लाज्मा डोनेशन का भी एप स्टार्ट किया है। हम लगभग 95 हजार लोगों को व्हाट्सएप मैसेज भेज चुके हैं। जिसमें अपील की गई है कि यदि आप कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं तो प्लाज्मा दान कर दूसरों की जान बचाएं। इससे लोग आगे आएंगे और प्लाज्मा डोनेट करेंगे, जिससे कोरोना की रोकथाम में सहायता मिलेगी।

उन्होंने बताया कि 104 कंट्रोल रूम पर 15 सौ से दो हजार के करीब विभिन्न प्रकार के काॅल आ रहे हैं। जिनमें व्हाट्सएप काॅल भी शामिल हैं और लैंडलाइन काॅल्स भी हैं। ई-संजीवनी के माध्यम से लोग कहीं से भी चिकित्सकीय परामर्श ले सकते है।  

सचिव डाॅ पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि रेमडिसिविर का लगातार डिस्ट्रीब्यूशन जारी हैं। भारत सरकार ने हमारा कोटा और बढ़ाया है। आज हम 2000 इंजेक्शन रिसीव कर रहे हैं। जिन अस्पतालों से इसकी मांग आती रहेगी,हम वहां भेजते रहेंगे। क्रासचैक कर रहे हैं कि इंजेक्शन सही व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। 

विशेषज्ञों द्वारा किये गये आंकलन में यह तथ्य सामने आया है गम्भीर  होने के बाद वे हाॅस्पिटल आ रहे हैं तो आक्सीजन 70 प्रतिशत तक या उससे नीचे हो जा रहा है तो मुश्किल हो रही है। जिसमे भी लक्षण दिख रहे हैं अनुरोध है कि वह कृपया तुरंत दवाई खाना शुरू करे और सैंपल टेस्ट करवाए। बताा कि स्टेराॅइड का अच्छा रोल देखने को मिला है। यह आक्सीजन अचानक कम होने से बचा रहा है।इसे ध्यान में रखकर हम स्टेराॅइड देना भी शुरू कर रहे हैं।

आईजी अमित सिन्हा ने बताया कि 115 स्थानों पर दबिश दी गई, जिसमें चार मुकदमें दायर और 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एक स्थान पर रेमडिसिविर किसी और के नाम से लेकर किसी और को दी जा रही थी। जिस पर गिरफ्तारी हुई। इसी प्रकार निर्धारित कीमत से अधिक पर आक्सीमीटर बेचने व  आरटीपीसीआर टेस्ट करने का मामला भी पकङा गया। 

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