उत्तराखंड : साइबर ठगी का एक और सदस्य गिरफ्तार

 
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देहरादून।उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के संयुक्त अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल एप के माध्यम से 250 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में एक और सदस्य को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। 

एडीजी व मुख्य प्रवक्ता पुलिस अभिनव कुमार ने शुक्रवार को उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा साइबर फ्रॉड रैकेट मामले में प्रेस को ब्रीफ में यह जानकारी दी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन एप के माध्यम से पैसे दोगुने, लक्की ड्रॉ, डिस्काउन्ट, लॉटरी के प्रलोभन में न आयें। पहले ऐसे किसी भी ऑफर की जांच कर ले। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें।

एडीजी ने बताया कि प्रकाश बैरागी पुत्र बाबू बैरागी निवासी ग्राम मियांपुर बेली, राजापुर खीरी थाना मोहम्मदी खीरी जनपद लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है। इससे पहले आरोपित की गिरफ्तारी नोएडा से गिरफ्तार की गई थी। इस गिरोह के सदस्य 15 दिन में पैसा दोगुना करने के नाम पर पैसा निवेश करवाते थे। 

प्रकाश बैरागी निवासी संलिप्त कम्पनियों मौजाजा टेक्नोलॉजी और सुमिथ प्रा. लिमिटेड का डायरेक्टर है। जिसकी कम्पनी के खातों में पावर बैंक एप के माध्यम से धोखाधड़ी से लगभग 57 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। अभियुक्त पवन पाण्डेय के बैंक खातो में लगभग 28 लाख और  प्रकाश बैरागी के खातो में 50 हजार फ्रीज कराए गए। 

बैंगलोर पुलिस द्वारा प्रकरण में 06 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तारी अभियुक्तों में से 03 अभियुक्त नागाभूषण,सुकन्या, तिब्बत मूल के पेमा वांगमो साइबर थाने पर पंजीकृत अभियोगों में भी शामिल है, जिनको शीघ्र ही रिमाण्ड पर उत्तराखण्ड लाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह अन्तराष्ट्रीय संगठित अपराध प्रतिदिन करोड़ों धनराशि एक खाते से दूसरे खाते और उसके आगे विभिन्न खातों में स्थानान्तरित कराकर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं। अपराध में प्रयोग बैंक खाते विभिन्न फर्जी कम्पनियों के नाम से पंजीकृत है। इसी प्रकार 25 एप जो संदिग्ध कार्य मे लगी है उनकी सूची प्राप्त हुई है। 

इस धनराशि को क्रिप्टो करेंसी मे बदलकर यह विदेश राष्ट्रो में भेजी जा रही है, जहा इसको स्थानीय मुद्रा में परिवर्तित कर दिया जाता है। इस प्रकार भारत के पैसे को अन्य राष्ट्र की मुद्रा में परिवर्तित करने का एक बहुत बड़ा संगठित अन्तराष्ट्रीय गिरोह चल रहा है। इस तरह के प्रकरण में 20 अन्य शिकायतें भी प्राप्त हुई है जिनका परीक्षण किया जा रहा है।

प्रकरण काफी गम्भीर एवं इसमे विदेशी नागरिको,कम्पनियो के जुड़े होने के साक्ष्य मिलने पर राष्ट्रीय एजंसियो सीबीआई आईबी और इडी से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही अन्तराष्ट्रीय एजेंसियो से भी सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास जारी है। 

बता दें कि पावर बैंक नाम से एक एप में निवेश कर पैसे दोगुना करने का लालच देकर अंतरराष्ट्रीय गिरोह कोरोड़ों की ठगी कर चुका है। विदेशी व्यापारियों द्वारा भारत के बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही थी। 

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को पीड़ित रोहित कुमार निवासी श्यामपुर हरिद्वार और राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल हरिद्वार ने शिकायत दी थी, जिसके बाद एसटीएफ इसकी जांच में जुट गई थी। पुलिस जांच में पता चला कि प्रतिदिन करोड़ों का लेन-देन इस एप और संबंधित बैंक खातों में किया गया है, जिसका संचालन पवन कुमार पांडेय निवासी नोएडा (उत्तर प्रदेश) कर रहा है। पुलिस के अनुसार इस एप को तकरीबन 50 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

यह पावर बैंक एप फरवरी 2021 से 12 मई 2021 तक खातो में करीब 250 करोड़ धनराशि की धोखाधड़ी प्रकाश में आई है। अनुमानित और भी अधिक धनराशि की धोखाधड़ी हो सकती है। 

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