बागेश्वर धाम में मुलाकात के बाद रचाई शादी, रुपये ऐंठ कर हुए गायब, गिरोह के आठ लोग गिरफ्तार
मीरजापुर। मड़िहान पुलिस ने फर्जी तरीके से शादी कर लोगों से रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गोपलपुर के पास से गुरुवार को पांच महिलाएं व तीन पुरुष समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में 28 जून को मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि घटना 23 जून […]
मीरजापुर। मड़िहान पुलिस ने फर्जी तरीके से शादी कर लोगों से रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गोपलपुर के पास से गुरुवार को पांच महिलाएं व तीन पुरुष समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में 28 जून को मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि घटना 23 जून की है।
पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश प्रांत के खुरई पठारी, विदिशा का रहने वाला युवक विदेश तिवारी एक लड़की से शादी रचाने के लिए गोपलपुर गांव में 23 जून को आया था। विदेश का आरोप है कि सुनियोजित ढंग से गिरोह की सरगना निशा उर्फ ऊषा निवासी चैखड़ा थाना राजगढ़ ने उसे अपनी बातों में फंसाया, फिर एक लाख तेरह हजार रुपये ऐंठने के बाद दुल्हन की विदाई करने से भी इन्कार कर दिया। साथ ही और भी रुपये मांगने लगे।
जब विदेश को ठगी की जानकारी हुई तो वह 28 जून को सीधे मड़िहान थाने पर पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर शैलेश कुमार राय की टीम ने मामले की जांच की तो पता चला कि पटेहरा के गोपलपुर निवासी रितु दुल्हन बनी थी। निर्मला भाभी का रोल अदा कर रही थी। वहीं श्यामसुंदर मामा का लड़का बना था। जबकि ककरद की सपना चाची तो बनकी की सपना दुल्हन की बहन बनी थी। शादी के बाद ही आरोपित रुपये व जेवरात भी लेकर लोग फरार हो गए। हालांकि मड़िहान पुलिस ने पहले ककरद गांव निवासी बृजेश शुक्ला व अरविंद कुमार मौर्य को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। इसके बाद अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बागेश्वर धाम में हुई थी मुलाकात
पीड़ित विदेश कुमार तिवारी ने बताया कि बागेश्वर धाम में उसके भाई महेश कुमार की मुलाकात 18 जून को राजगढ़ निवासी निशा से हुई थी, जहां शादी की बात को लेकर चर्चा हुई तो निशा ने अपने क्षेत्र में शादी करने की बात कही। इसके बाद मोबाइल नंबर से दोनों का संपर्क हुआ और 23 जून को शादी के लिए बुलाया। इसी बीच शादी की हसरत लेकर विदेश अपने भाई महेश तिवारी के साथ मड़िहान के गोपलपुर गांव पहुंचा, जहां रितु से उसकी शादी कराई गई लेकिन रुपये व गहने लेकर सभी फरार हो गए। इस संबंध में इंस्पेक्टर शैलेश कुमार राय ने बताया कि फर्जी शादी कर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। कुल आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मीरजापुर के एक सिपाही से जुड़े घटना के तार
मुख्य आरोपित निशा उर्फ उषा अहरौरा थाने में तैनात एक सिपाही की रिश्तेदार बताई जा रही है। रिश्तेदार की पत्नी भी मिलने के लिए मड़िहान थाने में पहुंची थी। मामले की गंभीरता से जांच हुई तो और भी मामले सामने आ सकते हैं। इसके पहले भी इसी महिला के फर्जी शादी करने के मामले में पुलिस ने चालान किया था।
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