मुज़फ्फरनगर में हिस्ट्रीशीटर से परेशान है परिवार, मांग रहा है रंगदारी, पुलिस नहीं कर रही सुनवाई
मुजफ्फरनगर। एक और सूबे के मुख्यमंत्री अपराधियों पर शिकंजा कसे हुए हैं और लगातार अपराधियों को जेल का रास्ता दिखा रहे हैं वहीं जनपद मुजफ्फरनगर की शहर कोतवाली क्षेत्र में अपराधियों का बोलबाला है इसी तरह का रंगदारी मांगने का एक मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के किदवई नगर में सामने आया है। मुजफ्फरनगर के थाना […]
मुजफ्फरनगर। एक और सूबे के मुख्यमंत्री अपराधियों पर शिकंजा कसे हुए हैं और लगातार अपराधियों को जेल का रास्ता दिखा रहे हैं वहीं जनपद मुजफ्फरनगर की शहर कोतवाली क्षेत्र में अपराधियों का बोलबाला है इसी तरह का रंगदारी मांगने का एक मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के किदवई नगर में सामने आया है।
मुजफ्फरनगर के थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला किदवई नगर निवासी नफीस अहमद उर्फ चांद पुत्र रशीद अहमद निवासी मोहल्ला किदवई नगर ने मीडिया सेंटर पर पहुंचकर पत्रकारों के सामने आपबीती बताई। हिस्ट्रीशीटर के सताए हुए पीडि़त परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर द्वारा पीडि़त परिवार को रंगदारी के एक लाख रुपए न देने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीडि़त परिवार हिस्ट्रीशीटर से अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रहा है।
मोहल्ला किदवई नगर निवासी नफीस अहमद उर्फ चांद पुत्र रशीद अहमद ने परिवार सहित पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपना दुखड़ा सुनाया। पीडि़त नफीस अहमद उर्फ चांद ने बताया कि मोहल्ले का ही रहने वाला हिस्ट्रीशीटर शबाब आलम उर्फ नोनू पुत्र अमीर आजम थाना कोतवाली नगर का पुराना हिस्ट्रीशीटर है जो गरीब एवं असहाय लोगों को अपना निशाना बना कर उसे अवैध रूप से वसूली कर रूप गालिब करने का काम करता है।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: किशोरी के अपहरण और बलात्कार के दोषी को 20 वर्ष की कठोर सजा, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाआरोप है कि पीडि़त एक कारखाने में मजदूरी कर अपने परिवार का लालन पालन करता है मगर शबाब आलम उर्फ मोनू अपने दो अन्य साथियों के साथ कारखाने में जाकर हथियारों के बलबूते पीडि़त के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए एक लाख रुपए देने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि पीडि़त के द्वारा इतनी बड़ी रकम देने से इनकार करने पर शबाब आलम उर्फ मोनू द्वारा परिवार सहित सभी को जान से मारने की धमकी दी गई। पीडि़त परिवार तभी से अपने जान माल का खतरा जताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार की उम्मीद जता रहे हैं जिसके चलते सरकारी दफ्तरों के चक्कर पर चक्कर काटे हुए हैं।
पीडि़त नफीस अहमद उर्फ चांद ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि एक ओर जहां योगी राज में दबंगों एवं अपराधिक दुनिया से जुड़े सभी अपराधियों के दिलों में बुलडोजर का खौफ बना हुआ है वहीं दूसरी ओर बड़े आकार की सरपरस्ती में कुछ दबंग एवं अपराधिक दुनिया के बाशिंदे अपना वर्चस्व जमाने के लिए गरीब एवं ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
उन्होंने बताया कि योगी के खाकी धारियों को घटना से अवगत कराने के बावजूद भी कोई किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस की लचर कार्यप्रणाली के चलते अपराधिक दुनिया के खिलाड़ी बेखौफ होकर अपना काम कर रहे हैं जिसका हर्जाना गरीब एवं असहाय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां