गन्ना किसानों को मोदी सरकार ने दी 10 रुपये की सौगात, गन्ने के नए सीजन के लिए बढ़ाया एफआरपी
नयी दिल्ली-गन्ना किसानों को मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने अगले सीजन के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (Fair and Remunerative Prices) को बढ़ाने का फैसला किया है। उचित और लाभकारी मूल्य फिक्स करने के जरिए […]
नयी दिल्ली-गन्ना किसानों को मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने अगले सीजन के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (Fair and Remunerative Prices) को बढ़ाने का फैसला किया है। उचित और लाभकारी मूल्य फिक्स करने के जरिए गन्ना किसानों को उनके उपज की गारंटीड रकम दी जाती है। गन्ने की कीमत को सरकार द्वारा 10 रुपये बढ़ाकर 315 रुपये कर दिया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि सरकार ने 2023-24 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट ने चीनी सीजन 2023-24 के लिए गन्ना किसानों के लिए 315 रुपये प्रति क्विंटल के अब तक के उच्चतम उचित और लाभकारी मूल्य को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों को फायदा होगा। इसके साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत पांच लाख श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल 2023 को संसद में लाया जाएगा। इसके साथ ही साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड एक्ट 2008 को रद्द किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गन्ने मूल्य की इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने तो बिजली मुफ्त देने की घोषणा की थी. स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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