मुजफ्फरनगर में किसानों ने ऑफिस पर ‘तख्ती टांगने’ की दी नसीहत! कहा- अधिकारी को बनाएंगे ‘मुर्गा’
मुजफ्फरनगर। जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारी मशीनरी को किसान नेताओं ने एसी हॉल में उस वक्त जून की भीषण गर्मी का अहसास दिला दिया, जब अधिकारियों द्वारा किसानों की अनदेखी की बात करते हुए अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई गई। पहले किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों ने जमकर भड़ास निकाली और […]
मुजफ्फरनगर। जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारी मशीनरी को किसान नेताओं ने एसी हॉल में उस वक्त जून की भीषण गर्मी का अहसास दिला दिया, जब अधिकारियों द्वारा किसानों की अनदेखी की बात करते हुए अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई गई।
पहले किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों ने जमकर भड़ास निकाली और अधिकारियों को बीजेपी का एजेंट करार देते हए काम न करने पर ऑफिस के बाहर तख्ती टांगने की नसीहत तक दे डाली। उसके बाद चकबंदी ऑफिस में पहुंचकर चकबंदी अधिकारी को घेर लिया। चकबंदी अधिकारी को उनके ही ऑफिस में बदतमीजी करने पर कर्मचारियों को मुर्गा बनाने की चेतावनी भी दे डाली। किसानों ने चकबंदी अधिकारी को कार्य पूरा करने के लिए 25 जून तक का वक्त दिया है।
ये भी पढ़ें शामली की बेटी का कमाल: आईपीएस ट्रेनिंग के साथ यूपीएससी में हासिल की नौवीं रैंक, अब बनेंगी आईएएसदरअसल मुजफ्फरनगर के कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया था , जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुना। किसानों ने बिजली, पानी और अन्य कई तरह की समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन युवा के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य विकास शर्मा ने अपनी बात रखते हुए सीडीओ संदीप भागिया के व्यवहार को लेकर घोर नाराजगी व्यक्त की।
ये भी पढ़ें 'सूजे पैर और मोटे छाले, यह निशान नहीं दर्द है', डांस के बाद सपना चौधरी ने दिखाई असली मेहनत विकास शर्मा ने गांव सिकंदरपुर में अस्थाई पुल के निर्माण को लेकर सीडीओ द्वारा ब्लॉक प्रमुख के पास भेजने की बात को गलत ठहराते हुए नसीहत दी कि अगर प्रशासनिक अधिकारी काम नहीं कर सकते तो वो अपने ऑफिस के बाहर तख्ती टंगवा दें और उन पर लिखवा दें कि यहां पर किसी का काम नहीं होगा।
इसके बाद किसान नेताओं ने चकबंदी पहुंचकर चकबंदी अधिकारी को घेर लिया। किसानों ने चकबंदी ऑफिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर काम ना करने और नाहक परेशान करने के आरोप लगाते हुए चकबंदी अधिकारी को जमकर कोसा। चारों तरफ से घिरे बैठे चकबंदी अधिकारी को किसानों ने बोलने तक नहीं दिया। किसानों ने सीना ठोक कर चकबंदी अधिकारी के मुंह पर ही विभाग की कई करतूतों को उजागर किया और चेतावनी दी कि काम नहीं हुआ तो मुर्गा बना दिए जाएंगे। किसानों ने चकबंदी अधिकारी को 25 जून तक का समय दिया है। उसके बाद भी कार्य नहीं होने की स्थिति में किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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