मुजफ्फरनगर में पीएफआई का सक्रिय सदस्य मुनीर आलम गिरफ्तार, लखनऊ कोर्ट में पेश, 10 दिन की कस्टडी मिली
मुजफ्फरनगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन से एंटी टेरेरिस्ट सेल लखनऊ ने पीएफआई के सक्रिय सदस्य मुनीर आलम को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने मुनीर आलम को लखनऊ कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन के रिमांड पर लिया गया है। एटीएस के डिप्टी एसपी सुशील कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर में […]
मुजफ्फरनगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन से एंटी टेरेरिस्ट सेल लखनऊ ने पीएफआई के सक्रिय सदस्य मुनीर आलम को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने मुनीर आलम को लखनऊ कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन के रिमांड पर लिया गया है।
एटीएस के डिप्टी एसपी सुशील कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर में चरथावल थाना क्षेत्र के गांव दधेडू निवासी मुनीर आलम वर्ष 2015 से पीएफआई संगठन का सक्रिय सदस्य है। संगठन के प्रतिबंधित होने के बावजूद वह छिपकर प्रचार एवं प्रसार कर रहा था।
मुनीर आलम को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास से बीते दिवस गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को उसे लखनऊ कोर्ट में पेश किया गया। जहां एटीएस की ओर से उसका कस्टडी रिमांड मांगा गया। कोर्ट को दी गई अर्जी में कहा है कि अभियुक्त के अन्य साथियों की पहचान करना और उनके द्वारा किस स्थान पर कहां-कहां मीटिंग हुई है, उन्हें भी पुलिस रिमांड पर लेकर चिह्नित किया जाना है।
इस मामले में अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त को प्रतिबंधित पीएफआई संगठन की प्रचार प्रसार से संबंधित सामग्री बरामद करने के लिए सहारनपुर, मेरठ, नोएडा, शामली, बागपत एवं मुजफ्फरनगर जाना है। यह भी कहा गया है कि संगठन के अन्य सदस्यों के संबंध में व देश विरोधी गतिविधियों से संबंधित सामग्री की बरामदगी के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभियुक्त को ले जाना है। अदालत ने विवेचक के अनुरोध को स्वीकार कर अभियुक्त को 6 जुलाई को सुबह 10 से 16 जुलाई को शाम 6 बजे तक के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां