‘आदिपुरुष’ में सीएम योगी समेत भाजपा का किया गया धन्यवाद, बघेल ने लगाया आरोप- भाजपा नेताओं ने ही बनवाई है फिल्म
रायपुर। हाल ही में रिलीज हुई ‘आदिपुरुष’ फिल्म अपने डायलॉग्स के कारण चर्चाओं में है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस फिल्म को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है और कहा है कि यह फिल्म भाजपा के नेताओं ने बनवाई है। राजधानी रायपुर में बघेल ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि […]
रायपुर। हाल ही में रिलीज हुई ‘आदिपुरुष’ फिल्म अपने डायलॉग्स के कारण चर्चाओं में है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस फिल्म को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है और कहा है कि यह फिल्म भाजपा के नेताओं ने बनवाई है।
राजधानी रायपुर में बघेल ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा ने भगवान राम को युद्ध ग्राम बनाया। हनुमान जी को एंग्री बर्ड बनाया। फिल्म में बीजेपी के नेताओं जैसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, असम के मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। इसका मतलब है यह फिल्म भारतीय जनता पार्टी के लोगों के द्वारा बनवाई गई है और आज सारे भाजपा के लोग मौन हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उनका नाता केवल राजनीति से है, बिजनेस से है। राम हमारे आराध्य हैं, हमारी आस्था उन पर है। लेकिन, बीजेपी के लिए वो राजनीति का विषय हैं। भगवान राम हों या हनुमान जी हों, वो इन्हें राजनीति और बिजनेस के लिए उपयोग कर रहे हैं। इसकी हम निंदा करते हैं।
राजधानी रायपुर में पिछले दिन भाजयुमो ने पीएससी घोटाले को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और कार्यकतार्ओं के बीच झड़प की स्थिति बनी थी। इस पर भूपेश बघेल ने कहा, रायपुर और छत्तीसगढ़ की जनता यह देख रही है। जहां-जहां यह प्रदर्शन करते हैं वहां पुलिस वालों से गाली-गलौज करते हैं, मारपीट करते हैं क्योंकि इनका हिंसा से नाता है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां