बाहर की दवा लिखने से चिकित्सक पर भड़कीं जिलाधिकारी, जांच के दिए निर्देश
मीरजापुर। मंडलीय चिकित्सालय में लापरवाही और एक चिकित्सक द्वारा बाहर की दवा व ईसीजी की जांच लिखने पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल भड़क गईं। जिलाधिकारी ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरबी कमल को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सक के द्वारा मरीजों को बाहर से दवा की […]
मीरजापुर। मंडलीय चिकित्सालय में लापरवाही और एक चिकित्सक द्वारा बाहर की दवा व ईसीजी की जांच लिखने पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल भड़क गईं। जिलाधिकारी ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरबी कमल को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सक के द्वारा मरीजों को बाहर से दवा की पर्ची नहीं लिखी जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल मंगलवार को मंडलीय चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड, आइसीयू समेत स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था परखी और डायरिया व बुखार से पीड़ित मरीजों व उनके तीमारदारों मिलकर अस्पताल व्यवस्था का हाल जाना।
जिलाधिकारी ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरबी कमल, सीएमओ राजेंद्र प्रसाद व एसआईसी अरविंद कुमार सिंह को निर्देशित किया कि अस्पताल में महत्वपूर्ण दवाएं प्रत्येक दशा में रखी जाएं। मरीज को बाहर की दवा न लिखी जाए। किसी स्तर पर लापरवाही संज्ञान में आने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दवा के अभाव में मरीज व उनके तीमारदारों को इधर-उधर भटकना न पड़ें।
हीटस्ट्रोक पीड़ित मरीजों के लिए हो पर्याप्त व्यवस्था
जिलाधिकारी ने बताया कि हीटस्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के लिए मंडलीय चिकित्सालय में पर्याप्त व्यवस्था है। बच्चों के लिए 100, वयस्क के लिए 50 बेड की व्यवस्था ट्रामा सेंटर के सामने वाले 145 बेड के भवन में है। सभी वार्डों में एसी, कूलर, पंखा लगाया गया है। पेयजल की भी व्यवस्था है।
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