मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एयर इंडिया ने डीजीसीए से उड़ान ड्यूटी नियमों में राहत की मांग की
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एयर इंडिया ने विमानन नियामक डीजीसीए से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में अस्थायी ढील देने की मांग की है। गुरुवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि कुछ लंबी दूरी की उड़ानों को तीन पायलट की बजाय दो पायलट के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही अधिकतम उड़ान समय की सीमा बढ़ाने की भी मांग की गई है। एनडीटीवी प्रॉफिट के सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया ने उड़ान के अनुमत समय में 1 घंटा 3 मिनट की बढ़ोतरी की मांग की है।
ये भी पढ़ें आयकर विभाग ने 22 राज्यों में 62 रेस्त्रां पर छापे मारे, 408 करोड़ का राजस्व छिपाने का खुलासाइससे अधिकतम उड़ान समय 10 घंटे से बढ़कर करीब 11 से 11.5 घंटे हो जाएगा। इसके अलावा एयरलाइन ने अधिकतम फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को भी बढ़ाने का अनुरोध किया है। इसके तहत ड्यूटी समय 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे 45 मिनट करने की मांग की गई है, यानी करीब 1 घंटा 45 मिनट की अतिरिक्त अवधि। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित होने और पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय एयरलाइंस के लिए बंद रहने के कारण उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इन परिस्थितियों में एयरलाइंस को अरब सागर, मध्य एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों के ऊपर से होकर लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय काफी बढ़ गया है। इस कारण ईंधन की खपत भी बढ़ रही है और क्रू की ड्यूटी समय सीमा पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डीजीसीए ने हाल ही में भारतीय एयरलाइंस को मध्य पूर्व के 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है, क्योंकि इन्हें उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
एयर इंडिया के लिए ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचने के कारण कई लंबी दूरी की उड़ानों का समय काफी बढ़ गया है। इसी वजह से एयरलाइन को इस सप्ताह कई उड़ानें रद्द भी करनी पड़ी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया का यह प्रस्ताव फिलहाल डीजीसीए के पास विचाराधीन है और नियामक इसकी जांच कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विमानन उद्योग की अन्य कंपनियां भी इसी तरह की रूट संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन फिलहाल इंडिगो की ओर से डीजीसीए को ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया ने इस मामले में क्रू की थकान से जुड़े संभावित मुद्दों पर पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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