सोने का बेहतर विकल्प बनकर उभरी चांदी, चांदी का वर्क और सिक्के के बनने में आई तेजी

 
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मेरठ। सोने की मांग और कीमत चांदी की तुलना में ज्‍यादा रहती है,लेकिन बीते कुछ समय में ऐसी स्थिति में चांदी एक बेहतर विकल्‍प बनकर सामने आई है। सोना-चांदी के एक्सपर्टस का मानना है कि ऐसे लोग जिनके पास लिक्विड की कमी नहीं होती और वो सोने में निवेश कर कम समय में ज्यादा लाभ की उम्मीद रखते हैं। लेकिन सोने में निवेश करने वालों को अधिक समय बाद लाभ होता है,ऐसे में अब ऐसे लोगों का चांदी में निवेश का रूझान बढ़ा है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने सोने में निवेश ने निवेशकों को एक बड़े संकट में डाल दिया है। यही कारण है कि अब निवेशक भी अपने धन को को सुरक्षित जगह लगाने के बारे में सोच रहे हैं। दरअसल, सोने की डिमांड निवेश और गहनों के तौर पर सबसे ज्‍यादा होता है। लेकिन चांदी जेवरों के अलावा इंडस्ट्रियल कामों में भी इस्‍तेमाल की जाती है। इस साल बढ़ते इंडस्ट्रियल डिमांड की वजह से चांदी का भाव 30 फीसदी तक चढ़ सकता है। 
इस साल चांदी के दाम जा सकते हैं 76-80 हजार प्रति किग्रा 
कमोडिटी एनलिस्‍ट्स की मानें तो इस साल चांदी का भाव 76-80 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के पार जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा निवेशकों को इस साल के अंत तक प्रति किलो चांदी के निवेश पर अधिक फायदा ले सकते हैं। इस समय चांदी का भाव करीब 65700 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के करीब चल रहा है। 
2019 से 2020 के बीच चांदी के दाम  में 27 फीसदी तक उछाल 
पिछले साल कोरोना वायरस महामारी के मद्देननज़र दुनियाभर में कुछ समय के लिए लॉकडाउन लग गया था।  इस दौरान आर्थिक गतिविधियां बंद पड़ी थीं। लेकिन, इस साल इंडस्ट्रियल स्‍तर पर काम हो रहे हैं। 2019 की तुलना में 2020 के अंत तक चांदी के भाव 27 फीसदी तक का उछाल आया था। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में पिछले साल चांदी का औसत भाव 20.55 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रहा था। बता दें कि 35.3 औंस में एक किलोग्राम होता है।

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