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                <title>उत्तर प्रदेश - रॉयल बुलेटिन</title>
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                <description>उत्तर प्रदेश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में 70 साल पुरानी मस्जिद पर गरजा बुलडोजर, तड़के शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, इकरा हसन अरेस्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सहारनपुर:</strong> उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। शनिवार तड़के ठीक 4 बजे से प्रशासन ने 6 बुलडोजर लगाकर मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके तहत मस्जिद का एक हिस्सा गिराया जा चुका है। किसी भी तरह के तनाव या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर 5 कंपनी पीएसी (PAC), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के 200 जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास के पूरे इलाके को छावनी में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/headlines/saharanpur/article-224733"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/c4d42e38-78fa-41e5-9006-278a37c183b6.png" alt=""></a><br /><p><strong>सहारनपुर:</strong> उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। शनिवार तड़के ठीक 4 बजे से प्रशासन ने 6 बुलडोजर लगाकर मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके तहत मस्जिद का एक हिस्सा गिराया जा चुका है। किसी भी तरह के तनाव या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर 5 कंपनी पीएसी (PAC), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के 200 जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है और किसी को भी मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।</p>
<p><strong>शुक्रवार रात से ही गरमाया माहौल और अफवाहों का दौर:</strong> इससे पहले शुक्रवार रात करीब 11 बजे यह अफवाह फैली कि प्रशासन तुरंत ही मस्जिद को तोड़ने की कार्रवाई करने जा रहा है, जिसके बाद देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और लोगों को समझा-बुझाकर वहां से हटाया। इस दौरान स्थिति को शांत करने के लिए सांसद इमरान मसूद भी फेसबुक लाइव आए और उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद को तोड़ना सही नहीं है और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।</p>
<p><strong>सांसद इकरा हसन की पुलिस से तीखी नोकझोंक:</strong> मस्जिद तोड़े जाने की सूचना मिलते ही कैराना सांसद इकरा हसन शामली से सहारनपुर के लिए रवाना हुईं, लेकिन पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया। इस दौरान इकरा हसन की वहां तैनात इंस्पेक्टर और महिला दरोगा से तीखी बहस और नोकझोंक हो गई। जब पुलिस ने जन्माष्टमी त्योहार का हवाला देकर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो इकरा भड़क गईं और दो टूक कहा— "आप हमें रोककर दिखा दो, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं।"</p>
<p><strong>कानूनी प्रक्रिया और अदालती आदेश का पूरा घटनाक्रम:</strong> प्रशासनिक और अदालती दस्तावेजों के अनुसार, यह पूरा विवाद लगभग 3000 वर्ग फीट में बनी इस मस्जिद के मालिकाना हक और जमीन की वैधता से जुड़ा है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>10 फरवरी 2025:</strong> बजरंग दल के तत्कालीन प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने डीएम से शिकायत कर इस मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध बताया था, साथ ही मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से किराया वसूले जाने के गंभीर आरोप लगाए थे।</p>
</li>
<li>
<p><strong>जांच और नोटिस:</strong> डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट से जांच कराई गई, जिसमें निर्माण अवैध पाया गया। 24 मार्च 2025 को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दायर की गई।</p>
</li>
<li>
<p><strong>कोर्ट का फैसला:</strong> 16 जुलाई 2026 को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए इसे हटाने और 6.41 करोड़ रुपए का हर्जाना वसूलने का आदेश दिया तथा कब्जेदारों को 30 दिन का समय दिया।</p>
</li>
<li>
<p><strong>अपील खारिज:</strong> 20 जुलाई को मस्जिद पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला अदालत में चुनौती दी। आखिरकार, 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को पूरी तरह बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी।</p>
</li>
</ul>
<p><strong>प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का पक्ष:</strong> सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इस मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना था। मस्जिद पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय या ऊपरी अदालतों में अपील की प्रक्रिया के बीच कानूनी रूप से सभी नोटिस और अपील के अवसर समाप्त हो चुके थे और अपील खारिज होने के बाद ही नियमानुसार यह विध्वंस कार्रवाई शुरू की गई है।</p>
<p>दूसरी ओर, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने प्रशासन पर जल्दबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि मस्जिद पक्ष हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर यह कार्रवाई कर दी गई। वर्तमान में त्योहारों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे शहर में फ्लैग मार्च और कड़ी निगरानी रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुख्य समाचार</category>
                                            <category>सहारनपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 10:59:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांदा में “पापा, आज जल्दी घर आना…” बेटे की आखिरी पुकार! जन्माष्टमी पर घर लौट रहे ट्रक चालक की अचानक मौत, खुशियां मातम में बदलीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बांदा। घर में जन्माष्टमी की तैयारियां चल रही थीं। बच्चे को इंतजार था कि शाम होते ही पापा घर आएंगे और पूरा परिवार मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएगा। लेकिन किसी को क्या पता था कि 10 साल के बेटे की अपने पिता से की गई एक मासूम अपील ही उनकी आखिरी बातचीत बन जाएगी।<br /><br />शुक्रवार सुबह हरिराम यादव के 10 वर्षीय बेटे शिवम ने फोन पर पिता से कहा था—“पापा, आज जल्दी घर आना…” जन्माष्टमी का पर्व था, इसलिए बेटे को पिता के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार था। पिता ने भी शायद सोचा होगा कि काम खत्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/lucknow/%E2%80%9Cpapa-come-home-early-today%E2%80%A6%E2%80%9D-son%E2%80%99s-last-call-sudden-death/article-224722"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/2723699346a3a8f2c7820bed6257b97b_941120578.jpg" alt=""></a><br /><p>बांदा। घर में जन्माष्टमी की तैयारियां चल रही थीं। बच्चे को इंतजार था कि शाम होते ही पापा घर आएंगे और पूरा परिवार मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएगा। लेकिन किसी को क्या पता था कि 10 साल के बेटे की अपने पिता से की गई एक मासूम अपील ही उनकी आखिरी बातचीत बन जाएगी।<br /><br />शुक्रवार सुबह हरिराम यादव के 10 वर्षीय बेटे शिवम ने फोन पर पिता से कहा था—“पापा, आज जल्दी घर आना…” जन्माष्टमी का पर्व था, इसलिए बेटे को पिता के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार था। पिता ने भी शायद सोचा होगा कि काम खत्म कर जल्द ही अपने बच्चों के बीच पहुंच जाएंगे। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था।<br /><br />बांदा जनपद के देहात कोतवाली अंतर्गत पचनेही गांव निवासी 47 वर्षीय ट्रक चालक हरिराम यादव फतेहपुर से ट्रक खाली कर बांदा स्थित अपने घर लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर मुंगुस गांव के आगे सिंहवाहिनी ढाबे के पास उन्होंने अपना ट्रक सड़क किनारे खड़ा किया। वह नीचे उतरे और सड़क पार करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़े।<br /><br />मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस उन्हें उपचार के लिए पीएचसी तिंदवारी लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।<br /><br />जब हरिराम की मौत की खबर घर पहुंची तो जन्माष्टमी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। जिस बेटे शिवम की आंखें पिता के आने की राह देख रही थीं, उसे क्या पता था कि सुबह जिस पापा से उसने कहा था—“जल्दी घर आना”, अब वह पापा कभी घर नहीं लौटेंगे।<br /><br />हरिराम के परिवार में पत्नी मालती देवी, दो बेटे और पांच बेटियां हैं। ट्रक चलाकर वह पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे। अचानक हुई उनकी मौत ने पत्नी और सात बच्चों के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया है। पत्नी मालती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।<br /><br />जन्माष्टमी के दिन जिस घर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और अपनों के बिछड़ने का दर्द रह गया है।<br /><br />डॉ. श्रेयांश गौतम ने प्रथम दृष्टया हृदयाघात से मौत की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।</p>
<p> </p>
<h3> </h3>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 09:28:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[रविता ढांगे | Online News Editor ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में सुबह से छाए बादल, दिन में बारिश के आसार, छह सितंबर से फिर तेज होगा दौर</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में शुक्रवार देर रात हुई रिमझिम बारिश के बाद शनिवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम सुहावना बना हुआ है और मौसम विभाग ने शनिवार को दिन में बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार छह सितंबर से लखनऊ में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते इस बार मानसून सीजन में राजधानी में अब तक सामान्य से अधिक पानी बरस चुका है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 0.8 डिग्री कम रहा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/lucknow/lucknow-is-cloudy-since-morning-chances-of-rain-during-day/article-224718"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/screenshot-2026-09-05-091108.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में शुक्रवार देर रात हुई रिमझिम बारिश के बाद शनिवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम सुहावना बना हुआ है और मौसम विभाग ने शनिवार को दिन में बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार छह सितंबर से लखनऊ में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते इस बार मानसून सीजन में राजधानी में अब तक सामान्य से अधिक पानी बरस चुका है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 0.8 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 92 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 74 प्रतिशत दर्ज की गई।</p>
<h3>सामान्य से 134 प्रतिशत अधिक बारिश</h3>
<p class="isSelectedEnd">राजधानी में तीन सितंबर से चार सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे तक 10.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत 4.6 मिलीमीटर है। इस लिहाज से लखनऊ में हुई बारिश सामान्य से 134 प्रतिशत अधिक रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानसून सीजन की बात करें तो एक जून से चार सितंबर तक राजधानी में कुल 608.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत 543.9 मिलीमीटर माना जाता है। इस तरह अब तक लखनऊ में सामान्य से करीब 12 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। बारिश के आंकड़े बताते हैं कि इस बार मानसून राजधानी पर मेहरबान रहा है और कई चरणों में अच्छी बारिश देखने को मिली है।</p>
<h3>शनिवार को 32 डिग्री के आसपास रहेगा तापमान</h3>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। बारिश और बादलों के कारण तापमान में फिलहाल बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने के आसार नहीं हैं।</p>
<h3>बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय</h3>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान इसके मध्य प्रदेश के उत्तर-मध्य हिस्से में बने रहने की संभावना है। इस मौसमी प्रणाली का असर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम प्रणाली के प्रभाव से फिलहाल भारी बारिश का दौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित रहने की संभावना जताई गई है। इसके बाद सिस्टम के दिशा बदलने से छह से आठ सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>
<h3>आठ सितंबर के बाद बारिश में आएगी कमी</h3>
<p class="isSelectedEnd">मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार आठ सितंबर के बाद मौसमी प्रणाली का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा। इसके बाद प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने की संभावना है। हालांकि उससे पहले कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।</p>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में होने वाले बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है। विशेषकर भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में जलभराव और अन्य मौसमी परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p> </p>
<h3> </h3>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 09:20:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[रविता ढांगे | Online News Editor ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी आस्था नहीं: लखनऊ पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बोले सीएम योगी</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं लेकिन आस्था नहीं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए 140 करोड़ देशवासियों को ईमानदारी से कर्तव्य निभाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/headlines/invader-can-break-temple-but-not-our-faith-cm-yogi-adityanath-at-lucknow-police-line-janmashtami-event/article-224699"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmphpcgcnk7.webp" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी हमलावर या आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है, लेकिन हमारे मन में बसी आस्था को कभी खत्म नहीं कर सकता। आक्रांता मूर्तियां तोड़ सकते हैं और मंदिरों के ऊपर अपनी इमारतें खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे हमारे दिलों में बसे भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को कभी छू भी नहीं पाए। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार तोड़ा गया, लेकिन भारत के लोगों ने उसे बार-बार बनाकर खड़ा किया। इसी तरह अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम का मंदिर बार-बार तोड़ा गया, लेकिन आज वह मंदिर अपनी अजेय पताका के साथ पूरे गर्व से खड़ा है। काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी बार-बार तोड़ा गया था, जिसे पहले लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया और आज के आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम के रूप में इसे एक अत्यंत भव्य और नया स्वरूप दिया है।</p>
<h2>आस्था मिटाने वाले खुद इतिहास में खो गए</h2>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आगे कहा कि जिन लोगों ने भारत के अस्तित्व को मिटाने और यहां के समाज की आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया, वे खुद ही इतिहास के पन्नों में मिटकर गायब हो गए। आज के समय में उन हमलावरों को कोई याद करने वाला या पूछने वाला भी नहीं बचा है। इसके ठीक विपरीत भारत आज भी पूरी तरह से जाग्रत है और अपनी सनातन तथा शास्कत यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। लखनऊ पुलिस लाइन का यह पावन आयोजन हम सभी को योगेश्वर श्रीकृष्ण के उसी शाश्वत संदेश के साथ जोड़ता है, जो पिछले 5,000 वर्षों से भी अधिक समय से हर तरह की सम और विषम परिस्थितियों में हमारे समाज का मार्गदर्शन करता आ रहा है।</p>
<p>भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि <strong>श्रीकृष्ण का जन्म जेल की अंधेरी काल कोठरी में हुआ था।</strong> उनका जन्म भले ही अंधकार में हुआ हो, लेकिन श्रीकृष्ण ने अपने पूरे जीवन में उन सभी विपरीत परिस्थितियों को परास्त करते हुए पूरे समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया। धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना करने के उद्देश्य से ही प्रभु का इस धरती पर अवतरण हुआ था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म कुछ और नहीं, बल्कि वही कर्तव्य है, जिसका पालन करते हुए हमने भगवान श्रीकृष्ण को कंस के विरुद्ध खड़े होते देखा और महाभारत के युद्ध में भी देखा। जीवन में जब भी किसी बात को लेकर भ्रम या संशय पैदा होता है, तब कर्म करने की सच्ची प्रेरणा देने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हमें श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से प्राप्त होता है। हर सनातनी और हर भारतवासी बेहद श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करता है।</p>
<h2>मथुरा-वृंदावन में उमड़ा आस्था का जनसैलाब</h2>
<p>अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा और वृंदावन के अपने हालिया दौरे का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह उनका बड़ा सौभाग्य रहा कि वे कल से लेकर आज दोपहर तक वृंदावन और मथुरा में ही मौजूद थे। वहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ था। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को न तो कड़कती धूप और गर्मी की कोई चिंता थी, न ही तेज बरसात की परवाह थी। लोगों को न किसी प्रकार की असुविधा महसूस हो रही थी और न ही मन में कोई संकोच था। वहां पहुंचे सभी लोगों के मन में केवल एक ही भाव और एक ही इच्छा थी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि में जाकर भगवान के दर्शन करने हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बलदेव और नंदगांव जैसे सभी क्षेत्रों में आज भी भगवान श्रीकृष्ण की वे पुरानी स्मृतियां लोगों के मन में गहराई से बसी हुई हैं। इन पावन क्षेत्रों में रहने वाले लोग बिना वजह पहाड़ों का खनन नहीं करते, पेड़ों की टहनियां नहीं तोड़ते और प्रकृति को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। उन्होंने पौराणिक प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जब भगवान इंद्र अपनी पूजा कराना चाहते थे, तब श्रीकृष्ण ने स्पष्ट कहा था कि इंद्र की पूजा नहीं होनी चाहिए। श्रीकृष्ण का कहना था कि हमें तो उसकी पूजा करनी चाहिए जो हमारे अन्नदाता किसानों और हमारे पशुपालकों को संरक्षण प्रदान करता है।</p>
<p>इसी कारण से हम सभी लोग पिछले 5,000 वर्षों से लगातार गोवर्धन पर्वत की पूजा करते आ रहे हैं। श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं और लाखों की संख्या में वहां पहुंचते हैं। अटूट श्रद्धा का यह भाव हमें दिखाता है कि कोई भी आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है, लेकिन हमारी आस्था को कभी नहीं तोड़ सकता।</p>
<h2>सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और विकसित भारत का संकल्प</h2>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीवन में सही दिशा चुनने की सीख देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश हम सभी के लिए एक ही है कि इंसान को कर्म क्षेत्र में खुद को पहचानना चाहिए। आज समाज और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। एक नए भाव के साथ पूरा देश आगे बढ़ने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा हमेशा सकारात्मक होनी चाहिए। जिन लोगों ने भारत की आस्था को नष्ट करने की कोशिश की थी, उनका भाव नकारात्मक था, इसलिए वे स्वयं नष्ट हो गए। जिन लोगों ने भारत के भाव और मूल भावना को मिटाने का प्रयास किया, वे इतिहास में सिर्फ नाम के लिए शेष रह गए हैं।</p>
<p>देश के विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि <strong>विकसित भारत बनाने की यह यात्रा केवल सरकार की अकेली यात्रा नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर इसे तय करना है।</strong> विकसित भारत की संकल्पना तब पूरी होगी, जब सकारात्मक भाव के साथ हर व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे। जब हर नागरिक अपने कर्म क्षेत्र में सबसे श्रेष्ठ करने की दिशा में आगे बढ़ेगा, तो निश्चित रूप से भारत एक विकसित भारत बनेगा और हमारा उत्तर प्रदेश एक विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा।</p>
<h2>कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य अतिथि</h2>
<p>लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित इस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में शासन और प्रशासन की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में राज्य के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने भी समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p>समारोह में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, विधायक जय देवी, विधायक अमरेश कुमार और विधायक ओपी श्रीवास्तव शामिल हुए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के वर्ग से मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुख्य समाचार</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[टीम रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैक्सपेयर्स के पैसों की भारी बर्बादी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर पर 20 साल से नहीं रहता कोई, फिर भी 15 पीएसी जवान 24 घंटे दे रहे हैं सुरक्षा ड्यूटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ:</strong> देश और प्रदेश में वीआईपी कल्चर और जनता की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई भी परिवार या सदस्य नहीं रहता है, इसके बावजूद उस सूने घर की सुरक्षा में पिछले दो दशकों से प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) का पूरा कैंप तैनात है। इस पुश्तैनी मकान पर 15 पीएसी जवान चौबीसों घंटे ड्यूटी दे रहे हैं, जिसे लेकर आम नागरिकों और टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी पर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं।</p>
<p><strong>चंदौली के पैतृक घर का मामला:</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/headlines/huge-waste-of-taxpayers-money-no-one-lives-in-the/article-224713"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/image-1767411239130.webp" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ:</strong> देश और प्रदेश में वीआईपी कल्चर और जनता की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई भी परिवार या सदस्य नहीं रहता है, इसके बावजूद उस सूने घर की सुरक्षा में पिछले दो दशकों से प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) का पूरा कैंप तैनात है। इस पुश्तैनी मकान पर 15 पीएसी जवान चौबीसों घंटे ड्यूटी दे रहे हैं, जिसे लेकर आम नागरिकों और टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी पर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं।</p>
<p><strong>चंदौली के पैतृक घर का मामला:</strong></p>
<p>यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से जुड़ा है, जहां देश के रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह का पैतृक घर स्थित है। स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आवास में पिछले 20 वर्षों से परिवार का कोई भी सदस्य नहीं रहता है, और मकान पूरी तरह से खाली व सूना रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल और वीआईपी व्यवस्था के नाम पर वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।</p>
<p><strong>टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी पर सवाल:</strong></p>
<p>सरकारी आंकड़ों और सुरक्षा व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि एक तरफ जहां थानों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए पुलिस बल की भारी कमी बनी रहती है, वहीं दूसरी तरफ केवल एक खाली पड़े वीआईपी मकान की रखवाली के लिए 15 जवानों का पूरा पीएसी कैंप 24 घंटे तैनात रखना प्रशासनिक संसाधनों का गंभीर दुरुपयोग है। जनता की गाढ़ी कमाई से मिलने वाले टैक्स के पैसों से चलने वाले इन जवानों का इस तरह एक सूने मकान पर पहरा देना कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p>इस व्यवस्था को लेकर अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां लोग इसे वीआईपी कल्चर की पराकाष्ठा और सरकारी धन का खुला अपव्यय मान रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुख्य समाचार</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>चंदौली </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:27:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मां की लाश के पास रोती रही आठ साल की मासूम, पत्नी का शव घर ले जाने के लिए पति के पास नहीं थे पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक बेबस पति अपनी पत्नी के शव को घर ले जाने के लिए पैसों की तंगी के कारण लाचार होकर इमरजेंसी के बाहर बैठा रहा। सिपाही और मेडिकल स्टाफ की मदद से शव को घर भेजा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80/helpless-husband-sits-with-wifes-body-outside-jhansi-medical-college-due-to-lack-of-money/article-224702"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmpfb82zq0d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>झांसी:</strong> महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां एक बेबस पति अपनी पत्नी के शव को वापस अपने घर ले जाने के लिए पैसों की तंगी के कारण लाचार होकर इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर बैठा रहा। उसके पास अपनी पत्नी के मृत शरीर को वापस ले जाने के लिए किराए के पैसे तक नहीं थे। इस दौरान उसकी करीब आठ साल की मासूम बेटी नंदनी अपनी मां की लाश के पास बैठकर लगातार रोती रही। <strong>इस लाचार परिवार की मदद के लिए बाद में वहां तैनात एक सिपाही और मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने पहल की, जिसके बाद शव को घर भेजा जा सका।</strong></p>
<h2>ओरछा से झांसी तक का सफर और मजबूरी</h2>
<p>यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के ओरछा का है। ओरछा के रहने वाले राहुल आदिवासी अपनी पत्नी रामवती का इलाज कराने के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचे थे। वहां रामवती की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उत्तर प्रदेश के झांसी में स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था। राहुल आदिवासी के मुताबिक, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं है। उनके पास झांसी आने और वापस जाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं थे। परिवार की इस मजबूरी को देखते हुए ओरछा के स्थानीय डॉक्टर ने खुद आर्थिक मदद की और उनके लिए एक टैक्सी की व्यवस्था कराई। इसके बाद राहुल आदिवासी अपनी पत्नी रामवती और बेटी नंदनी के साथ झांसी पहुंचे।</p>
<h2>अस्पताल में मौत और पैसे न होने का संकट</h2>
<p>झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने रामवती को मृत घोषित कर दिया। पत्नी रामवती की मौत के बाद राहुल आदिवासी के सामने शव को वापस ओरछा ले जाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई। <strong>राहुल आदिवासी के पास एंबुलेंस या शव वाहन का किराया देने तक के पैसे नहीं थे।</strong> कोई रास्ता न देखकर वह अपनी पत्नी रामवती का शव स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी के बाहर बैठ गया। पास में ही उसकी करीब आठ साल की बेटी नंदनी अपनी मां के शव को देखकर लगातार रोती रही।</p>
<h2>सिपाही और सामाजिक संस्था ने बढ़ाया मदद का हाथ</h2>
<p>इसी दौरान वहां तैनात एक सिपाही की नजर इस बेबस परिवार पर पड़ी। सिपाही ने राहुल आदिवासी से बातचीत की और उनसे पूरी स्थिति के बारे में जानकारी ली। राहुल आदिवासी की लाचारी जानने के बाद सिपाही ने मदद के लिए एक सामाजिक संस्था से संपर्क किया। सामाजिक संस्था की ओर से बिना कोई शुल्क लिए शव को ओरछा स्थित घर तक पहुंचाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही संस्था द्वारा अंतिम संस्कार में भी पूरा सहयोग किया गया।</p>
<h2>मेडिकल कॉलेज के सीएमएस का बयान</h2>
<p>इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहौर ने बताया कि महिला रामवती को इमरजेंसी में मृत अवस्था में लाया गया था। डॉक्टरों द्वारा जांच किए जाने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर इमरजेंसी के बाहर कुछ देर बैठे रहे। स्टाफ की नजर पड़ने पर यह पूरा मामला उनके संज्ञान में आया। सीएमएस डॉ. सचिन माहौर ने बताया कि स्टाफ और अन्य लोगों की मदद से तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को उनके घर भिजवाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>झांसी </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:22:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[टीम रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में अपार्टमेंट सोसाइटियों के अनिश्चितकालीन कार्यकाल पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी की अपार्टमेंट सोसाइटियों में पदाधिकारियों के लंबे समय तक पद पर बने रहने और सदस्यों से वोटिंग अधिकार छीनने पर चिंता जताई है। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए गाजियाबाद उप रजिस्ट्रार के आदेश पर रोक लगा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/delhi-ncr/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A5%9B%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6/allahabad-high-court-seeks-up-govt-response-on-indefinite-tenure-in-apartment-societies/article-224701"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmp4wfbgocd.webp" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज:</strong> इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में पदाधिकारियों के अनिश्चितकालीन समय तक पदों पर जमे रहने और अपार्टमेंट सदस्यों के वोट देने के अधिकार छीने जाने के मामलों पर बेहद गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने इस पूरे विषय पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ ने यह फैसला एल्डिको आमंत्रण अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन, गाजियाबाद की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया है।</p>
<h2>गाजियाबाद उप रजिस्ट्रार के आदेश को चुनौती</h2>
<p>अदालत में गाजियाबाद के उप रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स की ओर से 20 अप्रैल 2026 को जारी किए गए एक आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश के माध्यम से नए प्रबंध बोर्ड का गठन होने तक सोसाइटियों के पदाधिकारियों की वित्तीय शक्तियों को केवल दैनिक खर्चों तक ही सीमित कर दिया गया था।</p>
<p>याचिकाकर्ता पक्ष की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के नियमों में पदाधिकारियों की किसी सूची को अनंतिम मंजूरी देने का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। इस आधार पर उप रजिस्ट्रार का आदेश अपने क्षेत्राधिकार से बाहर का है और वह शुरू से ही शून्य है।</p>
<p>याचिका में यह बात भी कोर्ट के सामने रखी गई कि 29 मार्च 2026 को कराया गया चुनाव न तो अंतिम रूप से पूरा हो पाया था और न ही उस चुनाव के नतीजों का ऐलान किया गया था।</p>
<h2>नियमों में विरोधाभास और अनिश्चितकालीन कार्यकाल</h2>
<p>मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पहली नजर में पाया कि उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट (निर्माण, स्वामित्व एवं रखरखाव संवर्धन) नियमावली, 2011 के मॉडल उपविधि 26 के उपखंड (ii) और उपखंड (iii) में आपस में विरोधाभास जैसी स्थिति बनी हुई है।</p>
<p>अदालत ने रेखांकित किया कि एक तरफ तो पदाधिकारी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए तय किया गया है, लेकिन दूसरी तरफ नए चुनाव संपन्न न होने तक पुराने पदाधिकारियों को ही पद पर बने रहने की छूट मिल जाती है।</p>
<p><strong>कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के नियमों से सोसाइटियों के प्रबंधन को अपनी मनमर्जी से चुनाव टालने का मौका मिल जाता है, जिससे वे सालों तक सत्ता में बने रहते हैं।</strong> इससे प्रबंधकों की मनमानी बढ़ती है, जवाबदेही खत्म होती है और वित्तीय अनियमितता फैलने की आशंका भी बनी रहती है।</p>
<h2>वोटिंग अधिकार और कोर्ट के सख्त निर्देश</h2>
<p>हाई कोर्ट ने इस बात पर भी अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि सोसाइटियों में रखरखाव या बिजली बिल का बकाया होने का बहाना बनाकर सदस्यों को मतदान प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। अदालत ने कहा कि ऐसा करके प्रबंध बोर्ड मनमाने तरीके से अपनी पसंद की चुनिंदा मतदाता सूची तैयार कर लेता है।</p>
<p>इन सभी गंभीर बिंदुओं पर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के लिए अदालत ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (संस्थागत वित्त) और रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स को हलफनामा दाखिल करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है।</p>
<p><strong>न्यायालय ने यह आदेश भी दिया है कि इस अदालती आदेश को गाजियाबाद की सभी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के सूचना पट्ट यानी नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाए।</strong> इसका मकसद यह है कि सोसाइटियों के सभी सदस्य, प्रबंध बोर्ड और बाकी संबंधित व्यक्ति अपने-अपने सुझाव सीधे हाई कोर्ट के सामने रख सकें।</p>
<p>इसके साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 20 अप्रैल 2026 को जारी किए गए विवादित आदेश पर अगली सुनवाई तक पूरी तरह से रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 10 सितंबर 2026 तय की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>दिल्ली NCR</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>गाज़ियाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:21:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[टीम रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, चांदी से सजे गर्भगृह में की विशेष पूजा</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को 04 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री के रूप में यह उनका 20वां दर्शन था, जहां उन्होंने गौ-पूजन और गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/up-cm-yogi-adityanath-visits-shri-krishna-janmabhoomi-in-mathura-on-janmashtami/article-224703"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmp_2y7hmhn.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा:</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को 04 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह उनका 20वां दर्शन रहा, जहां उन्होंने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पहुंचने पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंदिर परिसर में आगमन पर बहुत ही भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सबसे पहले गोमाता का पूरे विधि-विधान से पूजन किया। गौ-पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी आस्था और विधि-विधान के साथ मुख्य गर्भगृह में विराजमान लाला यानी बाल कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने वहां विशेष पूजन किया और भगवान का आशीर्वाद लिया।</p>
<h2>चांदी से सजे गर्भगृह की अलौकिक सुंदरता</h2>
<p>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस बेहद विशेष और दिव्य पर्व के मौके पर जन्मभूमि के मुख्य गर्भगृह की दीवारों को चांदी की परत लगाकर बहुत ही अलौकिक और सुंदर तरीके से सजाया गया था। <strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी देर तक चांदी से सजे इस गर्भगृह की अद्भुत छटा और लाला के मनमोहक स्वरूप को पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव से निहारते रहे।</strong> मुख्य गर्भगृह में दर्शन और पूजन का काम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परिसर में ही बने दूसरे मंदिरों की तरफ गए। उन्होंने परिसर में स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी जाकर भगवान के दर्शन किए। इन सभी मंदिरों में मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश तथा प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि के लिए मंगल कामना की।</p>
<h2>श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश और कलाकारों का उत्साहवर्धन</h2>
<p>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर जन्मभूमि परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां मौजूद इन हजारों श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और उन पर खुद अपने हाथों से पुष्पवर्षा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस पावन पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। जन्मभूमि परिसर में उज्जैन से आए कलाकार बहुत ही मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन कलाकारों के बीच पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करने के साथ ही उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर के अंदर मौजूद रहे और वहां के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।</p>
<h2>कार्यक्रम में मौजूद रहे कई प्रमुख जनप्रतिनिधि</h2>
<p>इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कई प्रमुख नेता और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें गन्ना विकास एवं चीनी मिलें विभाग के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और बेसिक शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह मुख्य रूप से शामिल थे। इनके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा, गोवर्धन के विधायक मेघश्याम सिंह और मांट के विधायक राजेश चौधरी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विधान परिषद के सदस्य योगेश नौहवार, उत्तर प्रदेश गौ-सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय, ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव, जिलाध्यक्ष निर्भय पाण्डेय और राष्ट्रीय लोक दल से प्रीतम सिंह सहित अन्य कई जनप्रतिनिधि भी इस अवसर पर वहां उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी ब्रजवासियों को अपनी असीम शुभकामनाएं भी दीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:18:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[टीम रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दहेज हत्या के आरोपी पति को जमानत देना जज को पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को गलत तरीके से जमानत देने पर उरई के एडिशनल सेशन जज सतीश चंद्र द्विवेदी के खिलाफ प्रशासनिक जांच की सिफारिश की है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/allahabad-high-court-orders-inquiry-against-judge-for-granting-bail-in-dowry-death-case/article-224704"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmpdm2_du9k.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज:</strong> इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी पति को जमानत देने वाले एडिशनल सेशन जज के खिलाफ जांच की सिफारिश की है। उच्च न्यायालय ने पाया कि जज ने पर्याप्त सबूतों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 118 के तहत लागू होने वाले वैधानिक अनुमान की अनदेखी करके आरोपी को जमानत दी थी। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पति को निचली अदालत से मिली जमानत को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने यह कड़ा आदेश जालौन जिले के उरई में तैनात एडिशनल सेशन जज, कोर्ट नंबर-1 द्वारा आरोपी पति को दी गई जमानत के खिलाफ दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।</p>
<h2>हाईकोर्ट ने रद्द की आरोपी पति की जमानत</h2>
<p><strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरोपी पति सतेंद्र उर्फ सोनू की जमानत को पूरी तरह से गलत मानते हुए उसे रद्द कर दिया है।</strong> इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने आरोपी सतेंद्र उर्फ सोनू को निर्देश दिया है कि वह अगले 10 दिन के भीतर संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने जाकर आत्मसमर्पण करे। यह पूरा मामला साल 2025 में जालौन जिले के एक थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 85 और धारा 80(2) के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी पति को जिला अदालत से पहले ही जमानत मिल गई थी, जिसके खिलाफ उच्च न्यायालय में जमानत रद्द करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की गई थी।</p>
<h2>शादी के सात साल के भीतर हुई थी संदिग्ध मौत</h2>
<p>जमानत रद्द करने की मांग करने वाली अर्जी में उच्च न्यायालय को बताया गया कि मृतका की शादी को अभी सात साल भी पूरे नहीं हुए थे और इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। <strong>मेडिकल जांच की रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि मौत से पहले महिला को फांसी लगी थी और उसका दम घुटा था, जिसके स्पष्ट संकेत मिले थे।</strong> इसके अलावा मृतका के परिवार की तरफ से यह गंभीर आरोप भी लगाया गया था कि मौत से ठीक पहले दहेज की मांग पूरी न होने के कारण महिला को लगातार प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा था। इन सभी गंभीर तथ्यों को देखने के बाद उच्च न्यायालय ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और निचली अदालत के फैसले पर सवाल उठाए।</p>
<h2>एडिशनल सेशन जज सतीश चंद्र द्विवेदी का स्पष्टीकरण</h2>
<p>इस मामले में उच्च न्यायालय ने पहले उरई के एडिशनल सेशन जज सतीश चंद्र द्विवेदी से स्पष्टीकरण मांगा था। कोर्ट ने उनसे पूछा था कि उन्होंने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 118 के तहत लागू होने वाले अनुमान की अनदेखी क्यों की और बिना किसी पर्याप्त कारण के आरोपी पति को जमानत कैसे दे दी। अपने लिखित स्पष्टीकरण में एडिशनल सेशन जज सतीश चंद्र द्विवेदी ने यह बात स्वीकार की कि आरोपी के खिलाफ दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना के पर्याप्त सबूत मौजूद थे। उन्होंने यह भी माना कि मृतका की शादी को अभी सात साल पूरे नहीं हुए थे और इस मामले में धारा 118 के तहत वैधानिक अनुमान पूरी तरह से लागू होता था। हालांकि, उन्होंने अपने बचाव में कहा कि आरोपी पति को उसकी सास और ससुर को मिली जमानत के आधार पर, समानता के सिद्धांत को देखते हुए जमानत दी गई थी।</p>
<h2>न्यायिक विवेक के मनमाने इस्तेमाल पर जांच के निर्देश</h2>
<p><strong>उच्च न्यायालय ने एडिशनल सेशन जज सतीश चंद्र द्विवेदी द्वारा दिए गए इस स्पष्टीकरण को जमानत देने के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं माना।</strong> हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि संबंधित जज ने जमानत देने के अपने अधिकार और विवेक का बहुत ही मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया है। अदालत ने टिप्पणी की कि जब मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद थे और धारा 118 के तहत अनुमान भी लागू हो रहा था, तो बिना कोई ठोस कारण दर्ज किए आरोपी पति को इतनी बड़ी राहत कैसे दे दी गई। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरीके से यह जमानत दी गई, उससे न्यायिक विवेक के इस्तेमाल पर गंभीर संदेह पैदा होता है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संबंधित जज की ईमानदारी या उनकी निष्ठा पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं कर रहा है, लेकिन इस पूरे मामले की प्रशासनिक स्तर पर जांच होना बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले को प्रशासनिक समिति के सामने रखा जाए ताकि यह तय किया जा सके कि गलत तरीके से अधिकार का प्रयोग करने के लिए एडिशनल सेशन जज के खिलाफ जांच शुरू की जाए या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>औरैया </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:18:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[टीम रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्माष्टमी पर बेटे की 'पापा जल्दी घर आना' वाली मासूम अपील रह गई अधूरी, हाईवे पर चालक की अचानक मौत</title>
                                    <description><![CDATA[बांदा में जन्माष्टमी के दिन पचनेही निवासी 47 वर्षीय ट्रक चालक हरिराम यादव की हाईवे पर अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सुबह 10 साल के बेटे ने फोन पर जल्दी घर आने को कहा था। मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/banda-truck-driver-dies-on-highway-on-janmashtami-after-son-asks-him-to-return-home-early/article-224700"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmp4gs5qroi.webp" alt=""></a><br /><p><strong>बांदा:</strong> बांदा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में स्थित पचनेही गांव के रहने वाले 47 साल के ट्रक चालक हरिराम यादव की अचानक सेहत बिगड़ने से मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर मुंगुस गांव के पास यह हादसा हुआ। <strong>उसी दिन घर पर जन्माष्टमी की तैयारियां चल रही थीं और पूरा परिवार हरिराम के लौटने की राह देख रहा था।</strong> सुबह ही उनके 10 साल के बेटे शिवम ने फोन पर अपने पिता से कहा था कि "पापा, आज जल्दी घर आना..."। मगर दोपहर में अचानक आई उनकी मौत की खबर ने परिवार की तमाम खुशियों को मातम में बदल दिया।</p>
<h2>फतेहपुर से लौटते समय हाईवे पर बिगड़ी तबीयत</h2>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार 47 वर्षीय हरिराम यादव पेशे से ट्रक चालक थे और अपने परिवार का पेट पालने के लिए ट्रक चलाते थे। वह फतेहपुर से अपने ट्रक का माल खाली करने के बाद बांदा स्थित अपने घर वापस आ रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सफर के दौरान उन्होंने बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर मुंगुस गांव के आगे सिंहवाहिनी ढाबे के पास अपना ट्रक सड़क किनारे खड़ा किया। इसके बाद वह ट्रक से नीचे उतरे और पैदल ही सड़क पार करने लगे। तभी अचानक रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई। <strong>देखते ही देखते हरिराम यादव हाईवे पर गश खाकर जमीन पर गिर पड़े।</strong></p>
<h2>अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया</h2>
<p>घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और हरिराम को इलाज के लिए तुरंत पीएचसी तिंदवारी लेकर गई। वहां अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। <strong>पीएचसी के डॉ. श्रेयांश गौतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया दिल का दौरा पड़ने से मौत होने की आशंका है।</strong> हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने कागजी पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।</p>
<h2>बेटे का इंतजार और घर में पसरा मातम</h2>
<p>हरिराम यादव के निधन की खबर जब उनके गांव पचनेही पहुंची तो जन्माष्टमी की खुशियां सन्नाटे में बदल गईं। घर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां चल रही थीं और बच्चे आस लगाए बैठे थे कि शाम को पिता घर आएंगे तो सब साथ मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे। 10 वर्षीय बेटे शिवम ने सुबह फोन पर पिता से जल्दी लौटने को कहा था। पिता ने भी काम निपटाकर जल्दी घर पहुंचने की सोच रखी थी। लेकिन इस हादसे के बाद मासूम बेटे की वह अपील हमेशा के लिए अधूरी रह गई।</p>
<h2>सात बच्चों और पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़</h2>
<p>हरिराम यादव ही मेहनत-मजदूरी करके अपने पूरे परिवार का खर्चा चलाते थे। <strong>उनके परिवार में उनकी पत्नी मालती देवी के अलावा दो बेटे और पांच बेटियां हैं।</strong> ट्रक चलाकर वह अपनी पत्नी और सातों बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे के बाद पत्नी मालती देवी और उनके सात बच्चों के सामने गुजर-बसर का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पति को खोने के बाद पत्नी मालती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में त्योहार की रौनक होनी थी, वहां अब केवल गम और अपनों को खोने का दर्द बचा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>हमीरपुर-आसपास </category>
                                    

                <link>https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/banda-truck-driver-dies-on-highway-on-janmashtami-after-son-asks-him-to-return-home-early/article-224700</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 05:17:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[टीम रॉयल बुलेटिन ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन मामला; आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से गिरफ्तार, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लगी </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"></div>
<p>  नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर हुए भारी हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बाद बड़ी कार्रवाई की है। जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है।</p>
<p>  </p>
<p>यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो के बाद सुर्खियों में आया था, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज खुद दावा कर रहा था कि उसने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। वीडियो में उसने डींग मारते हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/headlines/influencer-swatantra-bhardwaj-arrested-from-bulandshahr-accused-of-breaking-the/article-224668"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/khabargaon-20260903t150430982jpg_1788428464956.webp" alt=""></a><br /><div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/yI4bU0kk3yc" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p> नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर हुए भारी हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बाद बड़ी कार्रवाई की है। जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है।</p>
<p> </p>
<p>यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो के बाद सुर्खियों में आया था, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज खुद दावा कर रहा था कि उसने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। वीडियो में उसने डींग मारते हुए कहा था कि दिल्ली पुलिस ने उसके राजनीतिक संबंधों की वजह से उसे छोड़ दिया। वायरल क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर कह रहा है कि संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें 60 टांके लगे।</p>
<p>इस वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी और कई विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। संगठन का कहना था कि राजधानी के बीचों-बीच एक दलित परिवार पर हमला हुआ और आरोपी खुलेआम घूम रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार को सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 72 घंटे के अंदर आरोपी को पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और हत्या की कोशिश की धाराओं में गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था।</p>
<p> </p>
<p>सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि संगठन ने पुलिस के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संजय कुमार के सिर में इतनी गंभीर चोट लगी है तो एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा क्यों नहीं लगाई गई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में हत्या के प्रयास का दावा किया है, इसलिए मामले में संबंधित धारा जोड़नी चाहिए।</p>
<p> </p>
<p>संगठन ने दलित परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण एससी-एसटी एक्ट की धाराओं को सख्ती से लागू करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अपनी कानूनी टीम भेजी, जबकि सीजेपी के वकील प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल डीसीपी से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>इसी बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (एलजेपी-आरवी) के प्रमुख चिराग पासवान ने शुक्रवार को दावा किया कि दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने एक कथित वायरल वीडियो में उनके नाम का ‘गलत इस्तेमाल’ किया है।चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और वह नाबालिग पीड़िता निशु आजाद तथा उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुख्य समाचार</category>
                                            <category>बुलन्दशहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 04:55:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अर्चना सिंह | Online News Editor]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद में बाढ़ के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम, कुंदरकी विधायक संग ट्रैक्टर पर बैठकर लिया जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद में बाढ़ के बीच डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ट्रैक्टर पर सवार होकर मुंडापांडे के भीतखेड़ा गांव पहुंचे। डीएम ने घुटनों तक पानी में उतरकर पैदल निरीक्षण किया और किसानों की फसलों के नुकसान का जायजा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://royalbulletin.in/uttar-pradesh/moradabad/moradabad-dm-inspects-flood-affected-villages-on-tractor-steps-into-knee-deep-water/article-224690"><img src="https://royalbulletin.in/media/400/2026-09/tmplrei1mac.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद:</strong> जिले के ग्रामीण इलाकों में लगातार पानी भरने और बाढ़ जैसे हालात पैदा होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद मौके पर जाकर स्थितियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। <strong>शुक्रवार को मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कुंदरकी क्षेत्र के विधायक ठाकुर रामवीर सिंह के साथ मुंडापांडे क्षेत्र के भीतखेड़ा सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।</strong> इस निरीक्षण के दौरान ग्रामीण इलाकों के रास्तों में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण जब आम गाड़ियों का वहां तक जाना नामुमकिन हो गया, तो जिलाधिकारी और विधायक दोनों ट्रैक्टर पर सवार होकर ग्राउंड जीरो यानी प्रभावित स्थानों तक पहुंचे।</p>
<p>बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचने के बाद प्रशासनिक दल ने केवल गाड़ी में बैठकर देखने के बजाय सीधे जमीन पर उतरकर स्थिति को समझा। <strong>जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया जलभराव वाले रास्तों पर खुद घुटनों तक भरे पानी में नीचे उतर गए और पैदल चलकर पूरे इलाके की हालत देखी।</strong> उन्होंने मौके पर मौजूद गांव के लोगों से सीधे बातचीत की और बाढ़ के कारण आ रही समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने यह भी देखा कि बाढ़ के पानी से गांवों की आबादी, आने-जाने वाले मुख्य रास्तों और आसपास के खेतों पर किस स्तर तक असर पड़ा है।</p>
<h2>ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे अफसर, घुटनों तक पानी में किया पैदल सफर</h2>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में चारों तरफ पानी भर जाने के चलते अधिकारियों का सामान्य गाड़ियों से जाना बेहद कठिन हो गया था। इस वजह से जिलाधिकारी और विधायक दोनों ने ट्रैक्टर को अपना साधन बनाया और गांवों के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचे। ट्रैक्टर से जलभराव वाले रास्तों को पार करते हुए दोनों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान गांव के लोग भी अपने बीच अधिकारियों को देखकर अपनी समस्याएं बताने के लिए आगे आए और बाढ़ के कारण पैदा हुई परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराया।</p>
<p><strong>जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया का घुटनों तक पानी में उतरकर जायजा लेने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई हैं।</strong> सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो सामने आने के बाद लोग प्रशासनिक अधिकारियों के इस जमीनी अंदाज की काफी चर्चा कर रहे हैं। बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जिले के सबसे बड़े अधिकारी का खुद मौके पर पहुंचना और पानी में उतरना ग्रामीणों के बीच प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<h2>किसानों की फसलों को भारी नुकसान, सर्वे कराने की मांग</h2>
<p>निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता खेतों में खड़ी फसलों को लेकर नजर आई। खेतों में लगातार पानी भरा रहने के कारण किसानों की फसलों को नुकसान होने की स्थिति सामने आई है। जिलाधिकारी ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से खेती तथा जलभराव से हुए कुल नुकसान के बारे में जानकारी ली। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरी कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मांग है कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।</strong> इसके अलावा जिन किसानों की फसलें पानी में पूरी तरह डूबकर प्रभावित हुई हैं, उनके नुकसान का सही आंकलन करने के लिए प्रशासन की तरफ से त्वरित सर्वे करवाया जाए। किसानों का मानना है कि समय पर नुकसान का सर्वे होने से प्रभावितों को उचित मदद मिल सकेगी।</p>
<h2>प्रशासन के सामने बनी कई बड़ी चुनौतियां</h2>
<p>जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से भी पूरे इलाके की स्थिति की जानकारी ली और बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई समस्याओं पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। <strong>फिलहाल जिला प्रशासन के सामने सबसे मुख्य चुनौती बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को पूरी तरह सुरक्षित रखना और जलभराव वाले इलाकों में आवागमन के रास्ते सुचारु बनाए रखना है।</strong></p>
<p>इसके साथ ही लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सही अंदाजा लगाना और उसका आंकलन करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर अपनी निगाह बनाए हुए है। दफ्तर से निकलकर सीधे प्रभावित इलाकों में पहुंचने और घुटनों तक पानी में उतरकर हालात देखने से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद बंधी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 04:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अभिषेक भारद्वाज। मंडल प्रभारी। मुरादाबाद ]]></dc:creator>
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