दिल्लीः चीन में बैठकर करोड़ों की ठगी,11 गिरफ्तार 

 
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने लाखों लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इन आरोपितों ने पावर बैंक और ईजेएडप्लान के नाम से ऐप बनाया हुआ था। गिरोह का मास्टरमाइंड चीन में बैठकर देश के कई हिस्सों में फर्जी कंपनियां खोल कर निवेश करवाने के नाम पर ठगी कर रहा था। पुलिस ने गिरोह में शामिल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो चार्टेर्ड अकाउंटेंट ’सीए’ शामिल हैं, जबकि तिब्बत की रहने वाली एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है, जो बेंगलुरु से गिरोह का संचालन कर रही थी। आरोपितों ने पावर बैंक और अन्य ऐप बनाकर लोगों से निवेश करवाने के नाम पर ठगी कर रहे थे।

साइबर सेल ने बुधवार को बताया कि सोशल मीडिया पर चीन के कई ऐप उपलब्ध हैं, जो लोगों को निवेश करवाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। इसकी शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल अधिकारियों ने भी एक अकाउंट बनाकर ऐप पर निवेश करना चाहा तो लिंक भेज कर आरोपितों ने पैसे जमा करने को कहा। बताया गया कि पावर बैंक एक स्टार्ट अप कंपनी है। इसमें निवेश किए गए पैसों से पावर बैंक बनाया जाएगा और पावर बैंक को बेचने के बाद जो लाभ मिलेगा, उसकी हिस्सेदारी सभी निवेशकों के बीच बांटी जाएगी। लोभ में आकर लोगों ने निवेश करना शुरू कर दिया।

जांच के दौरान पता चला कि बीते दो महीने के भीतर आरोपतों ने करीब पांच लाख लोगों से 150 करोड़ रुपये की ठगी की थी। आरोपितों के विभिन्न खातों में 11 करोड़ सीज किया गया है। इसके साथ ही गुरुग्राम के रहने वाले सीए के विभिन्न बैंक खातों में 97 लाख रुपये होने की जानकारी पुलिस को मिली थी। सीए ने करीब 110 फर्जी कंपनियां खोल रखी थी, जिसमें अपने रिश्तेदार और साथ में काम करने वाले कर्मचारियों को कंपनी का निदेशक बनाया हुआ था। आरोपित 300 रुपये से लेकर लाखों रुपये का निवेश करवाते थे।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार गिरोह के बारे में जब छानबीन की गई तो पता चला कि मास्टरमाइंड चीन में बैठा है। इसके तारे दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश भर में फैला हुआ है। तकनीकी सर्विलांस की मदद से सबसे पहले पश्चिम बंगाल से शेख रोबिन को गिरफ्तार किया गया। उससे की गई पूछताछ के बाद गुरुग्राम से सीए अविक केदिया और कतवरिया सराय से सीए रौनक बंसल को गिरफ्तार किया गया। रोबिन की निशानदेही पर 30 मोबाइल फोन जब्त किया गया। इसके 29 बैंक खाता होने की जानकारी मिली है। आरोपित चीन में बैठे आका से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में था।

इनसे की गई पूछताछ के बाद दिल्ली के रहने वाले उमाकांत अकाश जाॅय, वेद चंद्रा, हरि ओम और अभिषेक मंसरमानी को गिरफ्तार किया गया। इन सभी को अलग-अलग कंपनियों का निदेशक बताया गया था। बाद में शशी बंसल और मिथलेश शर्मा को टीम ने गिरफ्तार किया। इन दोनों पर फर्जी कंपनी और फर्जी खाता में रुपये डलवाने का आरोप है। गिरोह ने मात्र दो महीने के भीतर पूरे देश में पावर बैंक, ईजेएडकाॅवइन, सन फैक्टरी, लाइटिंग पावर बैंक समेत कई अन्य ऐप बनाकर पांच लाख लोगों से 150 करोड़ रुपये की ठगी की। फिलहाल पुलिस चीन में बैठे मास्टरमाइंड के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है।

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