कैश से भरे बैग दिखाकर नाम करा ली करोड़ों की जगह,पीड़ित ने लगाई आर्थिक अपराध शाखा में गुहार

 
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में पंजाबी बाग निवासी कारोबारी विपुल गर्ग ने कुछ लोगों के ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए उसके साथ धोखाधड़ी करके पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की जगह को अपने नाम कराने का आरोप लगाया है।

पीड़ित कारोबारी विपुल राज ग्रुप के मालिक हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि बहादुरगढ़ में जमीन खरीदने का झांसा देकर सुमित गुप्ता,अवनीत गुप्ता,प्रदीप गुप्ता,संजय गोयल,हर्षित गुप्ता और साक्षी गुप्ता ने उनके साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की और कैश में जगह खरीदने का झांसा देकर जगह को अपने नाम रजिस्ट्री करा लिया।

पीड़ित ने गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले में जांच पड़ताल के बाद आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे इंसाफ दिलाया जाए। इस बाबत आर्थिक अपराध शाखा में आईपीसी की धारा 406/420/120B/34 के तहत एक नामजद एफआईआर संख्या- 0145 गत 16 सितंबर को दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक शिवाजी पार्क, पंजाबी बाग निवासी कारोबारी विपुल गर्ग ने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपित सुमित गुप्ता ने उसे 15 सितंबर 2021 को फोन करके बहादुरगढ़ और आसपास के इलाके में जगह दिलाने को कहा। पीड़ित ने उसे 2 3 दिन में बताने की बात कही और 19 सितंबर को तीन जगह दिखाई,जिसमें से दुल्हैदा में उसे पांच बीघा जमीन पसंद आ गई।

इस जगह के लिए आरोपित की कमला नगर स्थित दुकान पर सौदा करने की बात तय हुई,मामला दो करोड़ 25 लाख रुपए बीघा में बात बन गई। आरोपित ने ज्वाइंट रजिस्ट्री कराने की बात कही,इस दौरान पीड़ित ने गवाह की मौजूदगी में एक लाख रुपए वसूल किए जिसकी रसीद तहरीर कर दी गई।

आरोपित ने इस सौदे के बाबत एक करोड़ पंद्रह लाख रुपए सीएलयू कराने के बाद देने की बात कही। आरोपित ने विपुल से कहा कि वह सौदे की रकम पूरी कैश नहीं बल्कि उसमें से एक करोड़ 34 लाख रुपए चेक से बाकी कैश रकम देगा। आरोप है कि सुमित ने इसे कैश के लिए झूलेलाल मंदिर शालीमार बाग स्थित ओशो पैकेजिंग प्लांट के मालिक प्रदीप गुप्ता के दफ्तर बुलाया जहां साक्षी गुप्ता भी मौजूद थीं।

पीड़ित के मुताबिक उसे कैसे से भरे सात बैग दिखाई गए जिसमें से एक बैग में दो दो हजार की गद्दी वाले तीन करोड़ और दूसरे बैग में पांच सौ के नोटों की गद्दी वाले दो करोड़ रुपए थे.पीड़ित के मुताबिक कैश देखकर उसे लगा कि आरोपित ठीक लोग है और जमीन की रकम समय से उन्हें मिल जाएगी।

पीड़ित के मुताबिक आरोपित उन्हें कभी एमओयू साईन कराते कभी एक से दूसरे के दफ्तर में बुलाते। 18 जनवरी 2022 को रूबी ज्वेल्स में बाकायदा गवाहों की मौजूदगी में एमओयू साईन करा लिया गया जिसमें 99 लाख तत्काल बाकी रकम जगह की रजिस्ट्री नाम होने पर दिए जाने की बात हुई। यह भी तय हुआ कि सीएलयू के एक करोड़ पंद्रह लाख रुपए रोककर बाकी 4 करोड़ 39 लाख, 23,125 रुपए दे दिए जाएंगे।

पीड़ित विपुल गर्ग को लगा कि पार्टी मजबूत है और रजिस्ट्री कराने में कोई दिक्कत नहीं है.जिसके बाद पूरी रकम उन्हें मिल जाएगी, लेकिन विपुल ने अपने में भी नहीं सोचा था कि आरोपी एक सोची समझी साजिश के तहत उससे वर्ष 2017 के एक मामले का बदला लेने के लिए षड्यंत्र बना रहा है।

आरोपितों ने कागजात अपने नाम कराने के बाद पीड़ित विपुल गर्ग को इधर उधर चक्कर खोलने शुरू कर दिए लेकिन जमीन की रकम नहीं दी। परेशान होकर पीड़ित ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज करा दी। पीड़ित को उम्मीद है दिल्ली पुलिस उन्हें जल्द उन्हें इंसाफ दिलाएगी।

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