महिला पत्रकार पर हमले का मामला: NHRC ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेजा नोटिस, 2 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में एक महिला पत्रकार के साथ हुई बर्बरता की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने इस मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
आयोग ने शुक्रवार को बताया कि 14 फरवरी को प्रकाशित खबरों के अनुसार यह घटना गत 13 फरवरी की है, जब एक महिला पत्रकार दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी नियमों के खिलाफ हो रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को कवर करने गई थी।
पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि भीड़ ने उसकी जाति का पता चलने के बाद उसे विशेष रूप से निशाना बनाया। पेशेवर ड्यूटी के दौरान भीड़ ने पत्रकार के साथ शारीरिक मारपीट और यौन उत्पीड़न किया। प्रदर्शनकारियों ने पत्रकार को 'नग्न अवस्था में घुमाने' की धमकी दी, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता कुछ शिक्षकों और महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उस भयावह स्थिति से बच निकली।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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