हत्या का आरोपी 14 साल बाद गिरफ्तार, 25 हजार का इनाम किया था घोषित
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहाड़गंज इलाके में हत्या के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जो पिछले 14 साल से फरार था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एच.जी.एस. धालीवाल ने कहा कि आरोपी की पहचान रमेश नगर निवासी विकास मेंदीरत्ता के रूप में हुई […]
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहाड़गंज इलाके में हत्या के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जो पिछले 14 साल से फरार था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एच.जी.एस. धालीवाल ने कहा कि आरोपी की पहचान रमेश नगर निवासी विकास मेंदीरत्ता के रूप में हुई है। विकास की सूचना देने पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, फरार अपराधी विकास के बारे में स्पेशल सेल को सूचना मिली थी, जिसके बाद उसकी सटीक लोकेशन जुटाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। यह भी पता चला कि वह नियमित रूप से अपना ठिकाना बदलकर पिछले 14 वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा था।
धालीवाल ने कहा कि 21 जून को विशेष इनपुट प्राप्त हुए और विकास को दिल्ली के मेजर पंकज बत्रा रोड से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पता चला कि साल 2008 में विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर सज्जाउद्दीन की पिटाई की थी। इसके बाद उसे बिल्डिंग से फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
स्पेशल सीपी ने कहा कि हालांकि उसके सहयोगियों महेंद्र सिंह, सुरेंद्र सैनी और तरुण भल्ला को मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह फरार हो गया था। आरोपी ने आगे बताया कि वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां