21 कार्य दिवसीय विशेष अभियान में खोजे 16 क्षय रोगी, अब चलेगा दस्तक अभियान
नोएडा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (एचडब्ल्यूसी) के जरिए जनपद में 15 मई से पांच जून तक चलाए गए 21 कार्य दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोज अभियान में 16 नये क्षय रोगी खोजे गए। जनपद में टीबी रोगी खोजने का सिलसिला जारी है। अब 17 जुलाई से फिर संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत दस्तक अभियान […]
नोएडा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (एचडब्ल्यूसी) के जरिए जनपद में 15 मई से पांच जून तक चलाए गए 21 कार्य दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोज अभियान में 16 नये क्षय रोगी खोजे गए। जनपद में टीबी रोगी खोजने का सिलसिला जारी है। अब 17 जुलाई से फिर संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत दस्तक अभियान चलाकर घर-घर जाकर टीबी रोगी खोजे जाएंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. शिरीष जैन ने बताया – विशेष अभियान में खोजे गए सभी क्षय रोगियों का उपचार शुरू कर दिया गया है। इस अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने जनपद में टीबी से मिलते जुलते लक्षण वाले कुल 4168 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की।
डा. शिरीष जैन ने बताया – इस दौरान 197 टीबी जांच शिविर लगाए गये। टीबी से मिलते जुलते लक्षण वाले करीब 295 व्यक्ति चिन्हित किये। इनमें से 261 के बलगम (स्पुटम) के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। जांच में 16 लोगों को टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई है। अभियान में खोजे गए सभी क्षय रोगियों का नोटिफिकेशन करने के साथ ही उपचार शुरू कर दिया गया है। डा. जैन ने बताया नये मिले टीबी रोगियों के परिवारजनों से टीबी जांच कराने की अपील की गई है। उन्होंने बताया वर्तमान में जनपद में 7400 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं।
डा जैन ने बताया- 17 जुलाई से दस्तक अभियान शुरू हो रहा है। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। इसमें घर-घर जाकर टीबी से मिलते जुलते लक्षण वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी और उनके बलगम की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया- इसके अलावा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से कम से कम पांच प्रतिशत मरीजों को टीबी की जांच के लिए रेफर किया जाना है। इस संबंध में जनपद के सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील कुमार शर्मा ने पत्र भेज कर निर्देशित किया है।
डीटीओ ने कहा – क्षय रोगी के ज्यादा संपर्क में उसके परिवार के सदस्य रहते हैं, फेफड़ों की टीबी मरीज के ड्रॉपलेट्स से हवा के जरिए फैलती है। बोलते या छींकते समय रोगी के मुंह से निकलने वाले ड्रॉपलेट के साथ टीबी का संक्रमण दूसरे व्यक्ति में प्रवेश कर जाता है। इसलिए क्षय रोगियों के सभी परिजन जांच जरूर कराएं।
टीबी के लक्षण-
जिला क्षय रोग अधिकारी का कहना है कि यदि किसी को दो सप्ताह से खांसी है तो यह टीबी का लक्षण हो सकता है। सीने में दर्द, शाम के समय बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना और थकान रहना आदि टीबी के लक्षण हो सकते हैं। यदि किसी को इस तरह के लक्षण नजर आते हैं तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर टीबी की जांच करानी चाहिए।
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