महागुन मंत्रा सोसायटी की लिफ्ट में 20 मिनट तक फंसे बच्चे और महिलाएं
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अपनी जिंदगी की लाखों रुपए की कमाई अपने सपनों का घर खरीदने में लोगों ने लगा दिए और अब उस घर में रहने के बाद लोगों को डर लग रहा है। ऐसा लिफ्ट से हो रहे लगातार हादसों के कारण है। ताजा मामला सामने आया है ग्रेटर नोएडा वेस्ट में […]
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अपनी जिंदगी की लाखों रुपए की कमाई अपने सपनों का घर खरीदने में लोगों ने लगा दिए और अब उस घर में रहने के बाद लोगों को डर लग रहा है। ऐसा लिफ्ट से हो रहे लगातार हादसों के कारण है।
ताजा मामला सामने आया है ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनी एक नामी सोसायाटी से… जहां सोमवार रात चार महिलाएं और दो बच्चे लिफ्ट में करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। सोसायटी की मेंटनेंस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला। इस घटना के बाद से लिफ्ट में सवार बच्चे काफी डर गए हैं। वह सीढ़ियों से आने-जाने की बात कर रहे हैं।
मामला महागुन बिल्डर की ग्रेटर नोएडा सेक्टर-10 स्थित महागुन मंत्रा-2 सोसाइटी का है। जहां लिफ्ट में आ रही बार-बार खराबी से रेजिडेंट्स दहशत में हैं। महागुन मंत्रा-2 के गंगा टावर में लिफ्ट में फंसने की एक घटना सोमवार को हुई। यहां रहने वाले उमाशंकर माथुर ने बताया कि 10 जुलाई को उनका परिवार और पड़ोस की महिलाएं (कुल 4 महिलाएं और दो बच्चे) लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे। 24वीं मंजिल से आ रही लिफ्ट पावर कट होने से नीचे आकर दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच फंस गई।
कुछ देर पावर का इंतजार करने के बाद लिफ्ट में फंसी महिलाओं ने मेंटेनेंस विभाग को इंटरकॉम से खबर की। सूचना पाकर सोसायटी की मेंटनेंस विभाग की रेस्क्यू टीम ने मैनुअली लिफ्ट का दरवाजा खोला और फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। सबसे पहले बच्चों, इसके बाद महिलाओं को निकाला गया। इस दौरान सभी 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।
ये भी पढ़ें ग्रेटर नोएडा में ग्रामीणों ने नगाड़ा बजाकर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का किया स्वागतघटना से उमाशंकर का 5 साल का बेटा काफी डर गया। वह इतनी दहशत में है कि 24वें फ्लोर से सीढ़ियों के जरिए आने-जाने को तैयार है। लेकिन, लिफ्ट से जाने को तैयार नहीं।
लिफ्ट में फंसी 68 वर्षीय नीलम देवी ने बताया कि वह शुगर पेशेंट हैं। लिफ्ट में फंसे होने की वजह से उन्हें घबराहट होने लगी थी और काफी तेज पसीना आने लगा था। उन्होंने बताया कि संयोग से लिफ्ट में उनकी बहू और पड़ोसी भी थे, वरना वह किसी से मदद भी नहीं मांग पाती।
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