कर्नाटक में आवारा कुत्तों का आतंक, नौ साल के बच्चे पर किया हमला
गडग (कर्नाटक)। कर्नाटक के गडग जिले के गजेंद्रगढ़ शहर में शनिवार को आवारा के कुत्तों के एक झुंड ने नौ साल के बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले की बढ़ती घटनाओं से जनता में अधिकारियों के प्रति आक्रोश है। घायल बच्चे की पहचान सरकारी प्राथमिक विद्यालय में चौथी क्लास में पढ़ने वाले आदित्य […]
गडग (कर्नाटक)। कर्नाटक के गडग जिले के गजेंद्रगढ़ शहर में शनिवार को आवारा के कुत्तों के एक झुंड ने नौ साल के बच्चे पर हमला कर दिया।
कुत्तों के हमले की बढ़ती घटनाओं से जनता में अधिकारियों के प्रति आक्रोश है।
ये भी पढ़ें बिहार पॉलिटिक्स में नीतीश का ‘ट्रंप कार्ड’! बेटे निशांत की JDU एंट्री… क्या बदल देगा समीकरण?घायल बच्चे की पहचान सरकारी प्राथमिक विद्यालय में चौथी क्लास में पढ़ने वाले आदित्य हनुमंतप्पा पवार के रूप में हुई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना शुक्रवार की है। बच्चा शहर की हिरे बाजार सड़क से अकेले गुजर रहा था। वह घर पर दोपहर का खाना खाकर दोबारा स्कूल जा रहा था।
कुत्तों के अचानक हमले से राहगीरों ने बच्चे को बचाया।
बच्चे के शरीर पर चोट के कई निशान हैं। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि कुत्तों का झुंड अकेले लोगों पर हमला करता है, जिनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं। जनता इन मामलों को रोकने के लिए कार्रवाई की मांग कर रही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां