बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला: ईडी ने सायोनी घोष द्वारा दिए गए दस्तावेजों को अपर्याप्त पाया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के स्कूल भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी राज्य तृणमूल युवा कांग्रेस अध्यक्ष सायोनी घोष तथा उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और संपत्तियों के विवरण के संबंध में उनके द्वारा भेजे गए दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं हैं। सूत्रों ने कहा कि अभिनेत्री […]
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के स्कूल भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी राज्य तृणमूल युवा कांग्रेस अध्यक्ष सायोनी घोष तथा उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और संपत्तियों के विवरण के संबंध में उनके द्वारा भेजे गए दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं हैं।
सूत्रों ने कहा कि अभिनेत्री से नेता बनीं घोष को 5 जुलाई को संबंधित दस्तावेजों के साथ कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में ईडी के साॅल्ट लेक कार्यालय में उपस्थित होना था। लेकिन खुद उपस्थित होने की बजाय उन्होंने केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को अंतिम क्षण में एक संदेश भेजकर उपस्थित होने में असमर्थता व्यक्त की और अपने वकील के माध्यम से मांगे गए दस्तावेजों का एक सेट भेजा।
हालांकि, सूत्रों ने कहा कि दस्तावेजों की दोबारा जांच करने पर केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने पाया कि घोष से उनके द्वारा मांगे गए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।
इस संबंध में गायब हुए प्रमुख दस्तावेजों में से एक उनकी मां के नाम पर पंजीकृत एक आवासीय फ्लैट से संबंधित था। सूत्र ने कहा कि इसके अलावा उनके द्वारा एक विशेष भूखंड से संबंधित बिक्री के दस्तावेज भी जमा नहीं किए गए हैं।
ये भी पढ़ें कोलकाता के बंद क्लब हाउस में जोरदार धमाके: इलाके में मची दहशत, पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर।केंद्रीय एजेंसी के जांच अधिकारियों की राय है कि जब तक ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें फंड लेनदेन के स्रोतों और गंतव्यों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाएगी।
घोष ने पूछताछ के लिए बुधवार को उपस्थित होने में असमर्थता व्यक्त करते हुए केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को सूचित किया कि वह 11 जुलाई को आगामी पंचायत चुनावों की मतगणना के बाद किसी भी समय और किसी भी दिन पूछताछ के लिए उपस्थित हो सकती हैं।
इससे पहले घोष ने 30 जून को स्कूल भर्ती मामले के संबंध में 11 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद उन्होंने दावा किया था कि केंद्रीय एजेंसी जब भी और जितनी बार भी उसे बुलाएगी वह पूछताछ के लिए उपस्थित होंगी।
उन्होंने 30 जून को कहा था, “जब मुझसे आने के लिए कहा जाएगा तो मैं हर बार पेश होऊंगी। मुझसे आज 11 घंटे तक पूछताछ की गई है। भविष्य में अगर मुझसे 24 घंटे तक पूछताछ की जाएगी तो भी मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूं।”
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां