बिहार में वज्रपात से 9 लोगों की मौत, नीतीश ने आश्रितों को 4-4 लाख रुपए देने के दिए निर्देश
पटना। बिहार के विभिन्न इलाकों में हो रही बारिश के बीच वज्रपात की घटनाएं भी हो रही हैं। इस बीच मंगलवार को राज्य के 7 जिलों में वज्रपात से 9 लोगों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, वज्रपात से बांका और बक्सर में दो-दो तथा भागलपुर, रोहतास, जहानाबाद, औरंगाबाद एवं जमुई में […]
पटना। बिहार के विभिन्न इलाकों में हो रही बारिश के बीच वज्रपात की घटनाएं भी हो रही हैं। इस बीच मंगलवार को राज्य के 7 जिलों में वज्रपात से 9 लोगों की मौत हो गई।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, वज्रपात से बांका और बक्सर में दो-दो तथा भागलपुर, रोहतास, जहानाबाद, औरंगाबाद एवं जमुई में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। इन घटनाओं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने अविलंब मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।
ये भी पढ़ें निशांत कुमार JDU में शामिल: NDA नेताओं ने दी बधाई, जानें बिहार की राजनीति पर क्या होगा असरमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें। खराब मौसम होने पर वज्रपात से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये सुझावों का अनुपालन करें। खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें।
उल्लेखनीय है कि राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां