ललन सिंह ने अमित शाह को बताया झूठा, दे डाली खुली चेतावनी, बोले- ‘इतना घबराना भी ठीक नहीं’
पटना। देश के गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को बिहार आए और लखीसराय में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधियों पर जमकर सियासी हमला बोला। इसके बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी शाह पर पलटवार करते हुए उन्हें झूठा तक कह दिया। उन्होंने गृह मंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि […]
पटना। देश के गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को बिहार आए और लखीसराय में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधियों पर जमकर सियासी हमला बोला। इसके बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी शाह पर पलटवार करते हुए उन्हें झूठा तक कह दिया। उन्होंने गृह मंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि इतना घबराना ठीक नहीं है।
ललन सिंह ने ट्वीट कर अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि साबित कीजिए कि मुंगेर में इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज खुलवाने में केंद्र सरकार का एक रुपया भी लगा है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि मुंगेर इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज नीतीश कुमार सरकार की योजना का प्रतिफल है और इसमें शत-प्रतिशत राज्य सरकार का रुपया लगा है। इसमें केंद्र सरकार का एक रुपया भी नहीं लगा है।
उन्होंने यहां तक कहा कि नीतीश कुमार की सरकार की उपलब्धि भी नरेंद्र मोदी के नाम करने का साहस कोई झूठा व्यक्ति ही कर सकता है।
जदयू नेता ने आगे कहा कि अगर साहस है तो बताइए कि ‘हर घर नल का जल योजना’ में केंद्र सरकार का कितना रुपया लगा है? इस योजना के लिए केंद्र सरकार के ऑफर को नीतीश सरकार ने ठुकरा दिया और एक रुपया भी नहीं लिया। अपने धन से राज्य सरकार ने 2015 में ‘सात निश्चय योजना’ के तहत इसे बिहार में करवाया।
मुंगेर और बेगूसराय को जोड़ने वाला पुल नरेंद्र मोदी सरकार की नहीं बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की देन है।
पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत पर जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर सत्यपाल मलिक जी के खुलासे पर आप मौन क्यों हैं ? उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए लिखा कि शायद आज आप अधिक तनाव में थे, इसलिए नीतीश सरकार की उपलब्धियों को भी अपने खाता में डाल रहे थे। ऐसा आप ही कर सकते हैं और यही देश के साथ भी कर रहे हैं।
ललन सिंह ने अमित शाह से पूछा कि आज आप इतने घबराए हुए क्यों थे कि लगातार आपके मुंह से ‘लखीसराय’ की जगह ‘मुंगेर’ निकल रहा था? माना कि आपको आगामी लोकसभा चुनाव में अपने हश्र का अंदाजा है, लेकिन इतना घबराना देश के गृह मंत्री के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।
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