हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान चोटिल मुख्यमंत्री ममता के घुटने का ऑपरेशन इसी हफ्ते संभव
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घुटने का ऑपरेशन इसी हफ्ते हो सकता है। पिछले हफ्ते सोमवार को कूचबिहार से चुनाव प्रचार कर लौट रहीं मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। इस दौरान उनके घुटने और कमर में चोट लग गई थी। कोलकाता के राजकीय एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों की […]
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घुटने का ऑपरेशन इसी हफ्ते हो सकता है। पिछले हफ्ते सोमवार को कूचबिहार से चुनाव प्रचार कर लौट रहीं मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। इस दौरान उनके घुटने और कमर में चोट लग गई थी।
कोलकाता के राजकीय एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों की टीम उनकी फिजियोथेरेपी कर रही है। इससे उनको कुछ राहत है। जांच में पता चला है कि उनके घुटने में पानी भी जम गया है। इस वजह से ज्यादा दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों ने स्थाई राहत के लिए घुटने के ऑपरेशन की जरूरत जताई। बताया गया है कि ममता गुरुवार या शुक्रवार को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हो सकती हैं। उन्हें दो-तीन दिन तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां