अब होमगार्ड लेंगे पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण, जुलाई के प्रथम सप्ताह से 21 दिनों की ट्रेनिंग
देहरादून। होमगार्ड स्वयंसेवक पिस्टल प्रशिक्षण एवं फायरिंग अभ्यास, केंद्रीय संस्थान थानों, रायपुर देहरादून में प्राप्त करेंगे। इस संबंध में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। जुलाई 2023 के प्रथम सप्ताह से 21 दिनों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें प्रत्येक जवान को ‘9 एमएम पिस्टल’ के संबंध में जानकारी, उसका रखरखाव, शस्त्र से संबंधित […]
देहरादून। होमगार्ड स्वयंसेवक पिस्टल प्रशिक्षण एवं फायरिंग अभ्यास, केंद्रीय संस्थान थानों, रायपुर देहरादून में प्राप्त करेंगे। इस संबंध में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। जुलाई 2023 के प्रथम सप्ताह से 21 दिनों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें प्रत्येक जवान को ‘9 एमएम पिस्टल’ के संबंध में जानकारी, उसका रखरखाव, शस्त्र से संबंधित सावधानियों के बारे में बताया जाएगा एवं फायरिंग अभ्यास कराया जाएगा। प्रत्येक जवान से 25 राउंड फायरिंग प्रशिक्षण कराया जाना प्रस्तावित है। उत्तराखंड शासन की अनुमति के उपरांत विभाग में 100 9एमएम पिस्टल एवं 10,000 राउंड्स क्रय किए गए हैं।
कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स केवल खुराना के निर्देश में लगातार जवानों को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। वर्ष 2022 के सत्र में होमगार्ड स्वयंसेवकों को 7.62 एमएम एसएलआर चलाने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। उन्हीं एसएलआर प्रशिक्षित जवानों में से 50 होमगार्ड स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रथम चरण में 45 वर्ष की आयु से कम उम्र के जनपद देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं उधम सिंह नगर के 50 होमगार्ड स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। 21 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए निर्धारित समय सारणी जारी की जा रही है।
प्रत्येक दिवस का 10 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। प्रशिक्षण प्रात: 4:00 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, इस दौरान परेड से लेकर आंतरिक तथा बाह्य कक्षाएं, विश्राम के साथ मनोरंजन की व्यवस्था भी होगी। किसी भी प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण के दौरान संस्थान छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को ड्यूटी भत्ते के समान धनराशि प्रदान की जाएगी।
होमगार्ड स्वयंसेवकों को अब तक थाना चौकियों के साथ सरकारी दफ्तरों में सामान्य सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाती रही है। एसएलआर तथा 9एमएम पिस्टल के साथ प्रशिक्षण के उपरांत होमगार्ड स्वयंसेवक को अहम जिम्मेदारियां भी दिया जाना प्रस्तावित है, जिसमें संत्री ड्यूटी, एस्कॉर्ट ड्यूटी आदि शामिल हैं।
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