24 जून- चौबीसवें तीर्थंकर भगवन महावीर का गर्भ कल्याणक

On

भगवान महावीर जैन धर्म के चौंबीसवें तीर्थंकर थे। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार वर्ष पहले (ईसा से 540 वर्ष पूर्व), वैशाली गणराज्य के कुण्डग्राम में अयोध्या इक्ष्वाकुवंशी क्षत्रिय परिवार हुआ था। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ […]

भगवान महावीर जैन धर्म के चौंबीसवें तीर्थंकर थे। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार वर्ष पहले (ईसा से 540 वर्ष पूर्व), वैशाली गणराज्य के कुण्डग्राम में अयोध्या इक्ष्वाकुवंशी क्षत्रिय परिवार हुआ था। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद उन्हें केवलज्ञान प्राप्त हुआ जिसके पश्चात् उन्होंने समवशरण में ज्ञान प्रसारित किया।

72 वर्ष की आयु में उन्हें पावापुरी से मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस दौरान महावीर स्वामी के कई अनुयायी बने जिसमें उस समय के प्रमुख राजा बिम्बिसार, कुणिक और चेटक भी शामिल थे। जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी के जन्मदिवस को महावीर-जयंती तथा उनके मोक्ष दिवस को दीपावली के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है।

जैन ग्रन्थों के अनुसार समय समय पर धर्म तीर्थ के प्रवर्तन के लिए तीर्थंकरों का जन्म होता है, जो सभी जीवों को आत्मिक सुख प्राप्ति का उपाय बताते है। तीर्थंकरों की संख्या चौबीस ही कही गयी है। भगवान महावीर वर्तमान अवसर्पिणी काल की चौबीसी के अंतिम तीर्थंकर थे और ऋषभदेव पहले हिंसा, पशुबलि, जात-पात का भेद-भाव जिस युग में बढ़ गया, उसी युग में भगवान महावीर का जन्म हुआ। उन्होंने दुनिया को सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाया।

तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया। उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो है– अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) ,ब्रह्मचर्य। उन्होंने अनेकांतवाद, स्यादवाद और अपरिग्रह जैसे अद्भुत सिद्धान्त दिए। महावीर के सर्वोदयी तीर्थों में क्षेत्र, काल, समय या जाति की सीमाएँ नहीं थीं।

भगवान महावीर का आत्म धर्म जगत की प्रत्येक आत्मा के लिए समान था। दुनिया की सभी आत्मा एक-सी हैं इसलिए हम दूसरों के प्रति वही विचार एवं व्यवहार रखें जो हमें स्वयं को पसन्द हो। यही महावीर का जियो और जीने दो का सिद्धान्त है।

जैन ग्रन्थों के अनुसार केवल ज्ञान प्राप्ति के बाद, भगवान महावीर ने उपदेश दिया। उनके 11 गणधर (मुख्य शिष्य) थे जिनमें प्रथम इंद्रभूति थे।

जैन ग्रन्थ, उत्तरपुराण के अनुसार महावीर स्वामी ने समवसरण में जीव आदि सात तत्त्व, छह द्रव्य, संसार और मोक्ष के कारण तथा उनके फल का नय आदि उपायों से वर्णन किया था।[9]

पाँच व्रत
अहिंसा – इस लोक में जितने भी त्रस जीव (एक, दो, तीन, चार और पाँच इंद्रीयों वाले जीव) है उनकी हिंसा मत कर, उनको उनके पथ पर जाने से न रोको। उनके प्रति अपने मन में दया का भाव रखो। उनकी रक्षा करो। यही अहिंसा का संदेश भगवान महावीर अपने उपदेशों से हमें देते हैं।

सत्य ? सत्य के बारे में भगवान महावीर स्वामी कहते हैं, हे पुरुष! तू सत्य को ही सच्चा तत्व समझ। जो बुद्धिमान सत्य की ही आज्ञा में रहता है, वह मृत्यु को तैरकर पार कर जाता है।
अचौर्य – दुसरे के वस्तु बिना उसके दिए हुआ ग्रहण करना जैन ग्रंथों में चोरी कहा गया है।

अपरिग्रह – परिग्रह पर भगवान महावीर कहते हैं जो आदमी खुद सजीव या निर्जीव चीजों का संग्रह करता है, दूसरों से ऐसा संग्रह कराता है या दूसरों को ऐसा संग्रह करने की सम्मति देता है, उसको दु:खों से कभी छुटकारा नहीं मिल सकता। यही संदेश अपरिग्रह का माध्यम से भगवान महावीर दुनिया को देना चाहते हैं।

ब्रह्मचर्य- महावीर स्वामी ब्रह्मचर्य के बारे में अपने बहुत ही अमूल्य उपदेश देते हैं कि ब्रह्मचर्य उत्तम तपस्या, नियम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र, संयम और विनय की जड़ है। तपस्या में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठ तपस्या है। जो पुरुष स्त्रियों से संबंध नहीं रखते, वे मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ते हैं।

जैन मुनि, आर्यिका इन्हें पूर्ण रूप से पालन करते है, इसलिए उनके महाव्रत होते है और श्रावक, श्राविका इनका एक देश पालन करते है, इसलिए उनके अणुव्रत कहे जाते है।

दस धर्म
जैन ग्रंथों में दस धर्म का वर्णन है। पर्युषण पर्व, जिन्हें दस लक्षण भी कहते है के दौरान दस दिन इन दस धर्मों का चिंतन किया जाता है।
क्षमा
क्षमा के बारे में भगवान महावीर कहते हैं- मैं सब जीवों से क्षमा चाहता हूँ। जगत के सभी जीवों के प्रति मेरा मैत्रीभाव है। मेरा किसी से वैर नहीं है। मैं सच्चे हृदय से धर्म में स्थिर हुआ हूँ। सब जीवों से मैं सारे अपराधों की क्षमा माँगता हूँ। सब जीवों ने मेरे प्रति जो अपराध किए हैं, उन्हें मैं क्षमा करता हूँ।

वे यह भी कहते हैं मैंने अपने मन में जिन-जिन पाप की वृत्तियों का संकल्प किया हो, वचन से जो-जो पाप वृत्तियाँ प्रकट की हों और शरीर से जो-जो पापवृत्तियाँ की हों, मेरी वे सभी पापवृत्तियाँ विफल हों। मेरे वे सारे पाप मिथ्या हों।
धर्म

धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है। महावीरजी कहते हैं जो धर्मात्मा है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं।
भगवान महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार ही उनके प्रवचनों का सार था।

तीर्थंकर महावीर का केवलीकाल 30 वर्ष का था। उनके के संघ में 14000 साधु, 36000 साध्वी, 100000 श्रावक और 300000 श्रविकाएँ थी।[10] भगवान महावीर ने ईसापूर्व 527 , 72 वर्ष की आयु में बिहार के पावापुरी (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। उनके साथ अन्य कोई मुनि मोक्ष को प्राप्त नहीं हुए 7 पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।

मोहि राखो हो शरणा, श्री वद्र्धमान जिनरायजी मोहि राखो0 7
गरभ साढ़ सित छट्ट लियो थित, त्रिशला उर अघ हरना 7
सुर सुरपति तित सेव करी नित, मैं पूजूं भवतरना 77
मोहि राखो हो शरणा, श्री वद्र्धमान जिनरायजी, मोहि राखो हो शरणा 7
? ह्रीं आषाढ़शुक्लाषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीमहा0अघ्र्यं नि0स्वाहा

(लेखक-विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन)

Views: 8

रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:

देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।

टिप्पणियां

संबंधित खबरें

लेखक के बारे में

अनिल रॉयल | Founder and Editor-in-Chief Picture

रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।

वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

नवीनतम

मुजफ्फरनगर: अवैध तरीके से पशु ले जा रहे चार आरोपी गिरफ्तार, 14 पशु व दो पिकअप बरामद

मुजफ्फरनगर। कोतवाली नगर पुलिस ने अवैध तरीके से पशुओं को छोटी गाड़ियों में भरकर ले जा रहे चार आरोपियों को...
मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर: अवैध तरीके से पशु ले जा रहे चार आरोपी गिरफ्तार, 14 पशु व दो पिकअप बरामद

सर्राफा बाजार में गिरावट जारी, सोना और चांदी की घटी कीमत

नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट का रुख बना हुआ नजर आ रहा है।...
Breaking News  बिज़नेस  सर्राफा बाजार  
सर्राफा बाजार में गिरावट जारी, सोना और चांदी की घटी कीमत

कोविड वैक्सीन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, गंभीर दुष्प्रभाव के मामलों में बने 'नो-फॉल्ट कंपंसेशन' नीति

  नई दिल्ली। कोविड-19 टीकाकरण से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने केंद्र सुप्रीम...
Breaking News  मुख्य समाचार  राष्ट्रीय 
कोविड वैक्सीन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, गंभीर दुष्प्रभाव के मामलों में बने 'नो-फॉल्ट कंपंसेशन' नीति

आयुर्वेद की जादुई जड़ी-बूटी 'मकोय', जो है त्रिदोषनाशक

  नई दिल्ली। प्रकृति ने मानव स्वास्थ्य के लिए अनेक औषधीय पौधे दिए हैं। इनमें मकोय एक अत्यंत महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी हालांकि,...
हेल्थ 
आयुर्वेद की जादुई जड़ी-बूटी 'मकोय', जो है त्रिदोषनाशक

आपकी थाली से जुड़े 9 अहम नियम, जो तन-मन दोनों का रखते हैं ख्याल

  नई दिल्ली। आयुर्वेद में भोजन को सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं माना गया है, बल्कि इसे तन और इसलिए...
लाइफस्टाइल 
आपकी थाली से जुड़े 9 अहम नियम, जो तन-मन दोनों का रखते हैं ख्याल

उत्तर प्रदेश

मेरठ: अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदा युवक,पैर टूटा 

   मेरठ। मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र में स्थित एनएएमएस (NAMS) हॉस्पिटल में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
मेरठ: अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदा युवक,पैर टूटा 

मुरादाबाद में तेंदुए से भिड़े माता-पिता, जबड़ों से छुड़ाया 5 साल का बेटा

मुरादाबाद। जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक तेंदुए ने पांच...
उत्तर प्रदेश  मुरादाबाद 
मुरादाबाद में तेंदुए से भिड़े माता-पिता, जबड़ों से छुड़ाया 5 साल का बेटा

लखनऊ में पोस्टर से सियासी तूफान! “कुछ दिन तो गुजार उत्तर प्रदेश में…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय के सामने लगे एक पोस्टर ने प्रदेश...
उत्तर प्रदेश  लखनऊ 
लखनऊ में पोस्टर से सियासी तूफान! “कुछ दिन तो गुजार उत्तर प्रदेश में…

SC के आदेश के बाद बड़ा एक्शन, मेरठ की सेंट्रल मार्केट पर चलेगा बुलडोजर!

मेरठ। मेरठ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आज सेंट्रल मार्केट में बड़े पैमाने पर...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
SC के आदेश के बाद बड़ा एक्शन, मेरठ की सेंट्रल मार्केट पर चलेगा बुलडोजर!

सर्वाधिक लोकप्रिय

शामली के भाजपा नेता मनीष चौहान को हत्या में फंसाने की बड़ी साजिश , नाहिद हसन समेत 3 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी
मुज़फ्फरनगर न्यूज़ : खतौली स्कूल कांड में नया मोड़, राजवीर टीटू पर हमले के मुख्य आरोपी आशीष चौधरी की संदिग्ध मौत, प्रिंसिपल ममता दत्त शर्मा के साथ जुड़ा था नाम
मुजफ्फरनगर: नमाज पढ़ाकर लौट रहे इमाम पर जानलेवा हमला; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, इलाके में तनाव
मुज़फ्फरनगर में शादी समारोह से लौट रहे भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, कार चालक ने रची थी खौफनाक साजिश, खालापार से 9 गिरफ्तार
मुज़फ्फरनगर में जानसठ बार संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बुरी तरह पीटा, अस्पताल में भर्ती, वकीलों ने आरोपी को जमकर धुना