अगहन माह आज से शुरू जीवन में चाहिए खुशहाली या व्यापार में तरक्की तो करें ये काम

 
1

हिंदू धर्म के अनुसार अंग्रेजी माह के नामों से उलट हिंदू कलेंडर के आधार पर भी महीनों का नाम होता है। इन महीनों का धार्मिक दृष्टि से अपना अलग महत्व होता है। आज से अगहन माह शुरू हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है। इसलिये इस माह को मार्गशीर्ष भी कहा जाता है। इसके अलावा इसे अगहन और मगसर नाम से भी जाना जाता है। मार्गशीर्ष या अगहन माह में निम्न मंत्रों का जाप करने से हर इच्छा की पूर्ति होती है।
मार्गशीर्ष के दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान करके भगवान का ध्यान करना चाहिए और उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। जीवन के सभी प्रकार की बाधाएं दूर करने के लिए इस माह में गुरु और इष्ट देव को रोज़ प्रणाम के अलावा विष्णु को तुलसी, गंगाजल और आंवला अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
अगहन माह में ‘विष्णु सहस्त्रनाम’, ‘गजेन्द्रमोक्ष’ और 'श्रीमद भागवत' गीता का पाठ करना बड़ा ही लाभदायक है। इस दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश-सम्मान, सुख-सौभाग्य, सफलता, ऐश्वर्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करने वाले व्यक्ति के मन में उत्साह बना रहता है और  बौद्धिक क्षमता अच्छी होती है, जबकि 'श्रीमद भागवत' गीता का पाठ करना हर तरह से फलदायी है।
व्यापार में सफलता के लिए करें इस मंत्र का जाप।
व्यापार में सफलता के लिए अगहन माह में ‘ऊँ अच्युताय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए। इसके साथ ही 11 लोगों को वैजन्ती माला दान करनी चाहिए।
व्यापार दूर-दूर तक फैलाने के लिए।
अगर व्यापार दूर-दूर तक फैलाना चाहते हैं तो इस माह ‘ऊँ अनंताय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए। साथ ही 5 मुखी रुद्राक्ष, हल्दी, गोमती चक्र, कौड़ी और गुंजाफल से बनाई हुई सौभाग्य पोटली की स्थापना करें।
दांपत्य जीवन को मधुर बनाने के लिए।
दाम्पत्य संबंधों को प्रेमरस से भर देना चाहते हैं तो इस महीने‘ऊँ मधुसूदनाय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए। साथ ही मन्दिर में कोई रसभरी मिठाई दान करनी चाहिए।
नौकरी में तरक्की पाने के लिए।
नौकरी में अच्छी इनकम पाना चाहते हैं, तो इस माह ‘ऊँ गोविंदाय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए। साथ ही छोटे बच्चों को कपड़े भेंट करने चाहिए। अगर आप सबको अपने काम से प्रभावित करना चाहते हैं, तो इस माह ‘ऊँ त्रिविकरमाय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए।

From around the web