अनमोल वचन 

 
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मनुष्य  जितनी तेजी से सफलता के पीछे भाग रहा है उससे भी तेज गति से सफलता पलायन कर रही है। कुछ लोग शीघ्र से शीघ्र सफलता अर्जित करने के लिए शार्टकट (छोटा रास्ता) चुनने में देर नहीं कर रहे हैं। परिणामस्वरूप उनके हाथ असफलता ही आ रही है। आखिर सफलता का रहस्य क्या है। इस प्रश्र का उत्तर जाने बिना और सफलता को समझे बिना उसे पाने का प्रयास व्यर्थ ही है। कुछ लोग सफलता का सही अर्थ समझे बिना ही व्यर्थ की होड में लगे रहते हैं। वे समझते हैं कि सफलता कोई पड़ाव है। यह कोई पड़ाव न होकर निरन्तर चलने वाली एक प्रक्रिया है। सफलता को पाने के लिए अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है। परिश्रम और सफलता का रिश्ता चोली-दामन का कहे तो भी अतिश्योक्ति नहीं होगी। सफलता का सुनहरा रिश्ता देखने वालों को अपनी योग्यता पर भरोसा होना चाहिए, जब योग्यता आ जाती है तो सफलता की राह बेहद आसान हो जाती है। सफलता जैसे शब्द के अर्थ हर व्यक्ति की दृष्टि में अलग-अलग हो सकते हैं, परन्तु उसका तात्पर्य मनोनुकूल कार्य सिद्धि से ही होता है। यदि शत-प्रतिशत कार्य सिद्धि न भी हो पाये तो भी उसे सफलता ही मानना चाहिए, क्योंकि उस कार्य की उपलब्धि के साथ-साथ आपको अनुभव जैसी अनमोल चीज भी प्राप्त होगी, जो भविष्य में मार्गदर्शक की भूमिका में होंगे।

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