अनमोल वचन

 
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प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में धन सम्पत्ति के साथ-साथ सबसे अधिक सम्मान पाने की कामना रहती है। उसके लिए वह विशेष प्रयास करता है, परन्तु इन सबका महत्व तब है, जब इन्हें स्थायित्व मिले, यह आयुपर्यन्त बनी रहे। याद रखने वाली बात यह है कि जिस परिश्रम तथा लगन के द्वारा धन सम्पदा और सम्मान प्राप्त किया गया है, उसे स्थायी रखने में उससे अधिक परिश्रम, सद्व्यवहार, सतर्कता तथा सूझबूझ की आवश्यकता पड़ती है। संवेदनाएं व्यक्ति की आन्तरिक उत्कृष्टता को बनाये रखती है। संवेदनशील व्यक्ति अपने उस ऊंचे स्थान से गिरना नहीं चाहेगा, जिसे उसने अपनी निरन्तर तपस्या से प्राप्त किया है। सहृद्वय तथा उदार चेतना वाला  व्यक्ति सेवा और कल्याण के मार्ग पर चलते रहना चाहेगा। निष्ठा, ईमानदारी और अहंकार रहित सद्व्यवहार को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर रखेगा। भले ही इस मार्ग पर चलते उसे अनेक समस्याओं और कठिनाईयों का सामना क्यों न करना पड़े, वह अपने मार्ग से विचलित नहीं होगा।

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