दशहरा में लग रहा ये शुभ योग, इन मुहूर्त में पूजा का मिलेगा विशेष फल, ऐसे करें श्रीराम की पूजा

 
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 इस बार दशहरा का पर्व 15 अक्टूबर यानी शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार का दशहरा कुछ खास होगा। कारण दशहरा वाले दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं। इन शुभ योग के शुभ मुहूर्त में पूजा करने से लोगों को लाभ मिलेगा।
दशहरा 2021: तिथि और शुभ मुहूर्त
विजय मुहूर्त – दोपहर 02:02 से दोपहर 02:48 तक
अपर्णा पूजा का समय – दोपहर 01:16 बजे से दोपहर 03:34 बजे तक
दशमी तिथि प्रारंभ – 14 अक्टूबर 2021 को शाम 06:52 बजे
दशमी तिथि समाप्त – 15 अक्टूबर 2021 को शाम 06:02
श्रवण नक्षत्र प्रारंभ – 14 अक्टूबर 2021 को सुबह 09:36 बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त – 15 अक्टूबर 2021 को सुबह 09:16 बजे
दशहरा के दिन इस बार 3 शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों में पहला योग रवि योग है। जो कि 14 अक्टूबर को शाम 9:34 बजे शुरू होगा और 16 अक्टूबर की सुबह 9:31 बजे तक रहेगा। वहीं दूसरा योग सर्वार्थ सिद्ध योग है। जो 15 अक्टूबर को सुबह 6:02 बजे से शुरू होकर 9:15 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा तीसरा योग कुमार योग है। जो कि सुबह सूर्योदय से शुरू होकर 9:16 मिनट तक रहेगा। माना जा रहा है। कि इस तीनों शुभ योगों के एक साथ बनने से दशहरा पर पूजन काफी शुभ रहेगा।
ऐसे करें श्रीराम और मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना-
जयोतिषाचार्य भारत ज्ञान भूषण के अनुसार दशहरे के दिन चौकी पर लाल रंग के कपड़े को बिछाकर उस पर भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद हल्दी से चावल पीले करने के बाद स्वास्तिक के रूप में गणेश जी को स्थापित करें साथ ही नवग्रहों की स्थापना करें और अपने ईष्ट की आराधना करें। अपने ईष्टों को स्थान दें और लाल फूलों से पूजा करें, गुड़ के बने पकवानों से भोग लगाएं। इसके बाद अपनी इच्छा अनुसार दान-दक्षिणा दें और गरीबों को भोजन कराएं। धर्म ध्वजा के रूप में विजय पताका अपने पूजा स्थान पर लगाएं। दशहरे का त्योहार हमें प्रेरणा देता है कि हमें धर्म, अनीति के खिलाफ लड़ना चाहिए। पूजा के पश्चात गरीबों को कुछ दान करना चाहिए। संभव हो तो मंदिर में भी जाकर दान-दक्षिणा की जा सकती है।

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