बर्थडे स्पेशल (9 अप्रैल) : जया बच्चन ने 15 साल की उम्र में की थी करियर की शुरुआत

 
फिल्म जगत में अपनी सशक्त पहचान बनाने वाली जया बच्चन का जन्म 9 अप्रैल, 1948 को जबलपुर में मशहूर लेखक तरुण कुमार भादुड़ी के घर हुआ था। जया का वास्तविक नाम जया भादुड़ी था। जया बच्चन ने भोपाल के सेंट जोसफ कॉंवेंट स्कूल से अपनी शिक्षा प्राप्त की। हायर सेकंडरी पास करने के बाद जया ने पुणे के फिल्म इंस्टीट्यूट में प्रवेश लिया था,लेकिन इससे पहले ही जया को महज 15 साल की उम्र में साल 1963 में आई सत्यजीत रे की बंगाली फिल्म 'महानगर' में अभिनय करने का मौका मिला। इस फिल्म में जया सहायक भूमिका में थी। इसके बाद सत्यजीत रे से ही प्रेरणा लेकर जया ने पुणे फिल्म-इंस्टीट्यूट में दाख़िला ले लिया। इसी दौरान उन्हें फिल्म 'गुड्डी' में भी अभिनय करने का मौका मिला। मुख्य भूमिका के रूप में 'गुड्डी' जया की पहली फिल्म थी। साल 1971 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था। इस फिल्म में उनके साथ धर्मेंद्र और उत्पल दत्त थे। इस फिल्म में जया के अभिनय को न सिर्फ पसंद किया गया, बल्कि इस फिल्म के लिए जया को फिल्म फेयर के बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड के लिए भी नामित किया गया। इस दौरान इसके बाद जया ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उन्हें एक के बाद एक कई फिल्मों के ऑफर भी मिलने लगे।साल 1972 में आई प्रकाश वर्मा की फिल्म 'बंसी बिरजू' में जया को अमिताभ बच्चन के साथ  काम करने का मौका मिला। फिल्म के सेट पर जया की दोस्ती अमिताभ से हो गई। साल 1972 में फिल्म एक नजर के सेट पर दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी और साल  1973  में फिल्म 'जंजीर' के सेट पर यह दोस्ती  प्यार में बदल गई। यह फिल्म सुपरहिट हुई। फिल्म के हिट होने का जश्न मनाने अमिताभ और जया विदेश जाना चाहते थे, लेकिन जब हरिवंश राय बच्चन को यह पता लगा तो उन्होंने अमिताभ से साफ़ शब्दों में कह दिया की अगर जया को विदेश ले जाना चाहते हो तो उससे पहले तुम्हें उससे शादी करनी पड़ेगी। जिसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में दोनों ने 3 जून, 1973 को शादी कर ली। जया और अमिताभ के दो बच्चे श्वेता बच्चन और अभिषेक बच्चन है। शादी और बच्चे होने के बाद भी जया ने अपना फ़िल्मी सफर जारी रखा। 70 के दशक में जया बच्चन शीर्ष अभिनेत्रियों में थी। जया बच्चन की  प्रमुख फिल्मों में बावर्ची, परिचय, पिया का घर, शोर, अभिमान, चुपके-चुपके, शोले, सिलसिला, कभी ख़ुशी कभी गम, कल हो ना हो, द्रोणा आदि शामिल हैं। सात दशक से अधिक समय तक हिंदी और बंगाली फिल्मों में काम करने के बाद जया को आखिरी बार अमिताभ के साथ करीना कपूर और अर्जुन कपूर की 2016 में आई फिल्म 'की एंड का' में  छोटी सी भूमिका में देखा गया था। भोली -भाली और अपने सादगी से लाखों दिलों को जीतने वाली  जया ने  फिल्मों में  अपने शानदार अभिनय और प्रतिभा से अपनी अलग और खास छवि बनाई। जया बच्चन को अपने पूरे फिल्मी करियर में  सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए तीन बार और  तीन बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के के साथ ही फिल्म फेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। साल 1992 में भारत सरकार ने फिल्मों में उनके सराहनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया। फिल्मों के अलावा जया राजनीति में भी सक्रिय हैं। उन्होंने साल 2004 में राजनीति में कदम रखा और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं।  वर्तमान में वह राज्यसभा की सांसद हैं। जया बच्चन काफी समय से फिल्मों से दूर हैं। लेकिन आज भी उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में है।

From around the web