कीथ थॉमस ने हॉरर फिल्म 'द विजिल' के निर्देशन पर की बात

 
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नई दिल्ली।  हॉरर फिल्म 'द विजिल' का निर्देशन करने वाले कीथ थॉमस ने उस बात का खुलासा किया है, जिससे वह यहूदियों के दर्द, यहूदी विरोधी और तबाही पर एक फिल्म बनाने के लिए आकर्षित हुए। थॉमस ने कहा है कि यहूदियों पर आधारित एक फिल्म को बनाने का किस्सा उनके पारिवारिक इतिहास से जुड़ा हुआ है। कीथ ने बताया कि उनका परिवार न केवल होलोकॉस्ट का शिकार हुआ है, बल्कि इससे पहले भी हुई सामूहिक हत्या का शिकार हुआ है और यही बात बचपन से उनके दिमाग में बसी रही।

वह कहते हैं, "हमने होलोकॉस्ट की अवधारणा का वर्णन एक विनाशकारी घटना के रूप में किया है, हालांकि इससे जुड़ी कई और भी बाते हैं। फिल्म में हमने उन छोटी—छोटी बातों का भी जिक्र किया है, जिसका अनुभव होलोकॉस्ट के दौरान एक इंसान ने किया है। यह बात मेरे दिमाग में भी इसी तरह से समाई हुई है। सड़क पर याकोव ब्रदर के साथ जो कुछ भी होता है, वह भी इतना ही अधिक पावरफुल और विनाशकारी है।"

'द विजिल' की कहानी याकोव (डेव डेविस) नामक एक शख्स के इर्द—गिर्द बुनी गई है, जिसे अपने समुदाय के मृत सदस्यों की बॉडी की देखरेख करने के लिए एक रब्बी ने काम पर रखा हुआ है। एक रात उसका सामना चिलर में रखे हुए डेमॉन से होता है। फिल्म में मेनाशे लस्टिंग और मल्की गोल्डमन जैसे कलाकार भी हैं।

यह फिल्म 9 जुलाई को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है।

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