अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे भाजपाई, बीजेपी विधायक व जिलाध्यक्ष भी मतगणना केंद्र पहुंचे, आखिर हाथ लगी हार !

 
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मोरना। मोरना क्षेत्र की हॉट फेवरेट मानी जाने वाले वार्ड 42 पर दिलचस्प मुकाबले को लेकर क्षेत्र की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी थी। सोमवार को भारी कशमकश के बीच प्रशासन ने परिणाम घोषित किया।इस सीट को लेकर हंगामा इतना हुआ कि बीजेपी के जिलाध्यक्ष और विधायक को भी वहां पहुंचकर प्रशासन का विरोध करना पड़ा और अपनी ही सरकार में अफसरों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। 

मोरना के वार्ड 42 की मतगणना जब अंतिम चरण में पहुँची, तो भाजपा समर्थित प्रत्याशी डॉ. वीरपाल निर्वाल के समर्थकों ने लगभग 150  मतों से अपनी जीत का दावा किया, वहीं रालोद समर्थित प्रत्याशी प्रभात उर्फ गुड्डू तोमर के समर्थकों ने भी अपनी जीत का दावा लगभग 150  मतों से किया। अभी जीत के दावे जारी थे कि रालोद नेताओं ने भाजपा समर्थको के जीत के दावे पर नाराजगी जताते हुए विरोध शुरू किया तथा इसी बीच पूर्व मन्त्री योगराज सिंह भी मौके पर पहुंच गये और उपजिलाधिकारी जानसठ जयेन्द्र सिंह व चुनाव कर्मचारियों से बात की। कुछ ही देर बाद सहायक चुनाव अधिकारी द्वारा प्रभात तोमर की जीत की घोषणा कर दी गई, जिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव कर्मचारी पर सांठगांठ के आरोप लगाए तथा अपनी जीत को पक्की बताया व एआरओ की घोषणा को कानून के विपरीत बताया। इसी घटनाक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त आलोक कुमार  मौके पर पहुंच गए, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, बुढाना विधायक उमेश मलिक भी वहां पहुँच गए। जिलाध्यक्ष व विधायक समेत  क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत की व न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग की।

वहीं रालोद नेताओं ने भाजपा जनप्रतिनिधि व जि़लाध्यक्ष के आगमन को लेकर पुन: हंगामा काटना शुरू कर दिया  तथा नाराजग़ी जताई और नारेबाज़ी करते हुए लौट गये। देर शाम उहापोह के बीच प्रशासन ने रालोद प्रत्याशी प्रभात तोमर के पक्ष में निर्णय लिया, तो भाजपा कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए तथा नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा कार्यकर्ता बैलेट बॉक्स की गाड़ी को बाहर नहीं निकलने दे रहे थे और दोबारा गिनती कराने की मांग कर रहे थे, इसी हंगामे के दौरान एक कार्यकर्ता ने आत्मदाह की भी कोशिश की।

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