जिलाधिकारी-कप्तान हर दिन कम से कम एक घंटे करें सुनवाई : मुख्यमंत्री योगी

 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर प्रतिदिन जनता दर्शन का आयोजन होता है। हर दिन फरियादी प्रदेश के विभिन्न जिलों से आते हैं। ज्यादातर मामले राजस्व, पुलिस विभाग से जुड़े होते हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश का हर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान प्रत्येक दिन कम से कम एक घंटे जनसुनवाई के लिए उपलब्ध रहे। इसमें आने वाली शिकायतों की पंजिका तैयार करें। हर आवेदन का निस्तारण एक तय समय-सीमा के भीतर किया जाना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार रात को डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों, जनसुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, तहसीलों और थानों में जन शिकायतों के निस्तारण, पुलिस के पास लंबित विवेचनाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और कप्तान समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि फील्ड में तैनात अधिकारी थाना दिवस व तहसील दिवस को प्रभावी बनाएं। फरियादियों की संतुष्टि ही अधिकारियों की कार्यकुशलता और उनके प्रदर्शन का आधार बनेगा।

जनसुनवाई पोर्टल एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर जून, जुलाई व अगस्त माह में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने चंदौली, गोरखपुर और बलिया और गाजियाबाद की स्थिति पर असंतोष जाहिर किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी तथा राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों को अगले एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

पुलिस के पास लंबित जनसुनवाई पोर्टल एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, सीतापुर में फरियादियों की असन्तुष्टि की बात कहते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों द्वारा की गई कार्यवाहियों की जानकारी ली। साथ ही एक सप्ताह का समय देते हुए पुलिस कप्तानों को कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए।

थाना दिवस पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं के बेहतर निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने फिरोजाबाद, इटावा और शाहजहांपुर पुलिस की सराहना की, जबकि प्रयागराज, संभल, मऊ और शामली जिलों को जनशिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने फिरोजाबाद, मथुरा, कानपुर नगर, लखनऊ, झांसी, मेरठ, वाराणसी व आगरा जिलों में डेंगू, मलेरिया व अन्य वायरल बीमारियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि रोकथाम के लिए सभी जरूरी प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने फिरोजाबाद में कैंप कर रही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से बच्चों के इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी ली। जिलाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को डेंगू मरीजों के लिए बेड, दवाइयों, चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता होने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि रोकथाम के लिए जारी कोशिशों के साथ ही बचाव के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया व अन्य वेक्टर बॉर्न वायरल बीमारियों से बचाव के लिए सर्विलांस को बेहतर करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर को एक्टिव करने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज और मुफ्त मेडिकल किट उपलब्ध कराने के लिए कहा।

कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर और महराजगंज के जिलाधिकारियों से जेई व एईएस की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि नियोजित कोशिशों से जेई व एईएस से इस वर्ष अब तक कोई मृत्यु नहीं हुई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में नए केस मिले हैं। बेहतर सर्विलांस की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने बचाव के लिए खास सावधानी-सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

कोविड टीकाकरण कार्यक्रम की जिला प्रगति की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने 45़ आयु के सर्वाधिक लोगों के टीकाकरण वाले शीर्ष तीन जिलों गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और बागपत की स्थिति पर सन्तोष जताया। साथ ही, प्रयागराज, सोनभद्र फिरोजाबाद और बलिया जिलों को तेजी लाने के निर्देश दिए।

मिशन शक्ति 3.0 के तहत जारी प्रयासों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार बीट पुलिस अधिकारी के रूप में महिला पुलिस कार्मिकों को तैनाती दी गई है। वर्तमान में गठित 10 हजार 370 बीट पर 20 हजार 740 महिला पुलिस आधिकरियों की तैनाती की गई है। इन महिला बीट पुलिस अधिकारियों को गांवों में भ्रमण कर महिलाओं से सतत संवाद बनाने, उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इनके लिए बीट पुस्तिका भी बनाई जाए, ताकि इनके कार्यों का समुचित विवरण रखा जा सके। आंगनबाड़ी सहायिका, एएनएम, आशा संगिनी आदि के सहयोग से महिला बीट पुलिस अधिकारियों द्वारा महिलाओं को शासन की योजनाओं की जानकारी दें।

20 सितंबर -20 नवंबर तक प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का प्रदेशव्यापी अभियान संचालित होगा। इस सम्बन्ध में सभी सम्बंधित विभाग के स्तर पर तैयारियां कर ली जाएं। धन की कमी नहीं होगी किंतु कार्य की गुणवत्ता में कमी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडलायुक्त स्तर पर बिजली विभाग की समीक्षा की जाए। फेक बिलिंग, ओवर बिलिंग एक प्रकार का उत्पीड़न है। किसी भी दशा मे उपभोक्ताओं का उत्पीड़न न हो। बहुत जल्द शासन स्तर से एकमुश्त समाधान योजना शुरू की जाएगी। पात्र लोगों को इसका लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

निजी अस्पतालों द्वारा इलाज के नाम पर मरीजों, परिजनों के उत्पीड़न की कतिपय शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को शासन की विकास परियोजनाओं के लिए टाइमलाइन तय करते हुए साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की मदद अथवा मार्गदर्शन के लिए सम्बंधित अपर मुख्य सचिवध्प्रमुख सचिव से बात करें। परियोजनाओं की समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आगामी 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर प्रदेश में ‘गरीब कल्याण मेला’ आयोजित किया जाएगा। सभी 826 विकास खंडों पर वृहद आयोजन किया जाएगा। मेले में दिव्यांग जनों को कृत्रिम अंग वितरण, विभिन्न पेंशन, आवास और स्वरोजगार योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को योजना से जोड़े जाने के साथ-साथ आरोग्य मेले का भी आयोजन होगा। बैंकों से समन्वय स्थापित कर विशेष ऋण शिविर लगाये जाएं। इस सम्बंध में सभी संबंधित विभाग तैयारी पूरी कर लें। सभी कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। इससे पूर्व 19 सितंबर से आरोग्य मेलों का आयोजन भी प्रारंभ हो रहा है। इसे सफल बनाया जाए।

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