बसपा सरकार में हुए स्मारक घोटाले में आरोपी चार पूर्व इंजीनियर गिरफ्तार 

 

लखनऊ,। प्रदेश में पूर्व की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार में लखनऊ व नोएडा में बने स्मारक घोटाले में लखनऊ की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को राजकीय निर्माण निगम के चार बड़े तत्कालीन अधिकारी वित्तीय परामर्शदाता विमलकांत मुद्गल, महाप्रबंधक तकनीकी एसके त्यागी, महाप्रबंधक सोडिक कृष्ण कुमार,इकाई प्रभारी कामेश्वर शर्मा को गिरफ्तार किया है। 

बसपा शासन काल में लगाई गई थी मूर्तियां 

वर्ष 2007-12 के बीच बसपा के शासनकाल में लखनऊ और नोएडा में दो ऐसे बड़े पार्क बनवाए गए, जिनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती, बसपा संस्थापक कांशीराम व भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अलावा पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी की सैकड़ों मूर्तियां लगवाई गईं थी। इसके बाद विपक्षीय दलों में बसपा सरकार को जमकर घेरा था। 

वर्ष 2014 में शुरू हुई जांच

वर्ष 2014 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। इस मामले में घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश हुई थी। लखनऊ के गोमती नगर थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद विजिलेंस पांच वर्षों बाद भी आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। अभियोजन की स्वीकृति के लिए प्रकरण अभी भी शासन स्तर पर लंबित है।

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