एमएसपी के नाम पर खानापूर्ती कर रही है सरकार : संयुक्त किसान मोर्चा 

 
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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को खरीफ 2021 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा की है। जिसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने विरोध दर्ज किया है। मोर्चे ने कहा है कि एमएसपी के नाम पर केन्द्र सरकार ने खानापूर्ती की है। इससे किसानों को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। मोर्चे का कहना है कि मक्का के लिए पिछले वर्ष की तुलना में केवल बीस रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। धान, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का और मूंग जैसी विभिन्न फसलों पर एमएसपी में वृद्धि देश में महंगाई दर के बराबर नहीं है। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जो गारंटी देता है कि प्रत्येक किसान को कम से कम एमएसपी को न्यूनतम मूल्य के रूप में मिलें। इसलिए, जहां तक किसानों का सवाल है, यह एक अर्थहीन वृद्धि है, और इसीलिए यह आंदोलन सभी किसानों के लिए एमएसपी के कानूनी अधिकार की मांग करता रहा है ताकि सभी किसानों के लिए एक लाभकारी एमएसपी सुनिश्चित की जा सके। मोर्चे के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान आंदोलन लगभग 200 दिन पूरे करने जा रहा है लेकिन सरकार का रवैया किसान विरोधी ही है। ऐसे में केन्द्र सरकार से किसान क्या उम्मीद करें?

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