गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी न हुई तो 26 को लखनऊ में करेंगे किसान महापंचायत -राकेश टिकैत 

 टिकैत का ऐलान-15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री का पूरे देश में पुतला फूंका जाएगा, 18 अक्टूबर में ट्रेनें रोकी जाएंगी, 24 अक्टूबर को अस्थि विसर्जन होगा, 5 मृतक किसानों का शहीदी स्मारक बनाया जाएगा
 
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लखीमपुर । लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के लिए अंतिम अरदास का कार्यक्रम मंगलवार को रखा गया। इस कार्यक्रम में 5 राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 50 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे थे । इस अवसर पर राकेश टिकैत ने मंच से ऐलान किया कि अगर मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है तो हम 26 अक्टूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत करेंगे। 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री का पूरे देश में पुतला फूंका जाएगा, 18 अक्टूबर में ट्रेनें रोकी जाएंगी, 24 अक्टूबर को अस्थि विसर्जन होगा, 5 मृतक किसानों का शहीदी स्मारक बनाया जाएगा और 26 को लखनऊ में महापंचायत करेंगे।

अरदास में कई बड़े चेहरे भी शामिल रहे। हालांकि, मंच पर सियासी चेहरों को बैठने की जगह नहीं मिली। प्रियंका गांधी और जयंत चौधरी ने भी किसानों को श्रद्धांजलि दी। किसान नेताओं में योगेंद्र यादव, दर्शन पाल सिंह, बलवीर सिंह राजेवाल और तमाम नेता पहुंचे।
लखीमपुर में हिंसा के दौरान मारे गए किसानों की अंतिम अरदास में तिकुनिया पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर आंदोलन करने की चेतावनी दे दी। अब उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है तो वे यहीं से आंदोलन की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एक बड़ी पंचायत की जाएगी। उसके बाद किसानों के अस्थि कलश देश के हर जिले में जायेंगे  और लोग उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
प्रमुख नदियों में होगा अस्थि का विसर्जन
अरदास में किसानों नेताओं ने कई बड़े ऐलान किए हैं। 24 अक्टूबर को देश की सभी प्रमुख नदियों में मृतक किसानों की अस्थि का विसर्जन होगा। इसी दिन 10 से 4 बजे तक चक्का जाम होगा। यूपी के हर जिले और देश के हर राज्य में अस्थि कलश यात्रा जाएगी। तिकोनिया में घटनास्थल पर 5 किसानों की शहीदी स्मारक बनाया जाएगा। राकेश टिकैत का कहना है कि अभी तक रेड कार्पेट गिरफ्तारी हुई है। आरोपियों को गुलदस्ता देकर बुलाया गया। मंत्री के रहमो-करम वाले पुलिस वाले  कैसे पूछताछ करेंगे ? जब तक बापू बेटा जेल में बंद नहीं होंगे, जब तक मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा। शांति पूर्व आंदोलन जारी रहेगा।
प्रियंका और जयंत भी पहुंचे 
अरदास में शामिल होने के लिए कई सियासी नेता भी पहुंचे । प्रियंका गांधी वाड्रा लखीमपुर पहुंची। हालांकि, उन्हें मंच पर जगह नहीं मिली। इससे पहले उन्हें सीतापुर में रोक दिया गया था। रालोद नेता जयंत चौधरी भी पहुंचे । उन्हें भी मंच पर जगह नहीं मिली। उन्हें भी बरेली में रोका गया था। संयुक्त मोर्चा ने ऐलान किया है कि अरदास कार्यक्रम के मंच पर कोई सियासी नेता नहीं बैठेगा। जो भी नेता इस कार्यक्रम में आएगा वह पब्लिक के साथ बैठेगा। सबसे पहले पलिया से आए रागी जत्थे ने गुरुवाणी का बखान कर संगत को निहाल किया। कार्यक्रम में मृतक किसानों के परिवार वालों और घायल किसानों को भी बुलाया गया ।
मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं
वहीं दूसरी तरफ आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी भी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी की मांग कर रही हैं। उन्होंने एक ट्वीट कर पूछा कि बेटा किसानों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है तो मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार है? प्रियंका ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी जरूरी है। प्रियंका ने प्रधानमंत्री को ट्वीट टैग करते हुए लिखा कि अपने मंत्री को संरक्षण देना बंद करिए।

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