मंत्रिपरिषद बैठक में मोदी ने की कामकाज की समीक्षा,किसान आंदोलन पर की गयी चर्चा 

 
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नयी दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केन्द्रीय मंत्रिपरिषद की मैराथन बैठक हुई, जिसमें मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा, कोविड टीकाकरण और जन कल्याण से जुड़ी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी।

मोदी मंत्रिमंडल के गत जुलाई में पुनर्गठन और फेरबदल के बाद मंत्रिपरिषद की यह तीसरी बैठक थी। राष्ट्रपति भवन के ऑडिटोरियम में कोरोना प्रोटोकाल के साथ शाम पौने चार बजे शुरू हुई बैठक पांच घंटे से भी अधिक समय तक चली और इसमें सभी प्रमुख मंत्रियों तथा राज्य मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक का एक उद्देश्य नयी मंत्रियोंं का राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ परिचय कराना भी था। मंत्रिमंडल के फेरबदल के बाद नये मंत्रियों की राष्ट्रपति के साथ यह शिष्टाचार भेंट थी।

सूत्रों के अनुसार कोविड महामारी के मद्देनजर बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से विशेष रूप से प्रेजेन्टेशन दी गयी जिसमें कोविड टीकाकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। टीकाकरण अभियान में तेजी लाने तथा दूर- दराज के क्षेत्रों तक इसकी पहुंच बनाने और आगामी दिसम्बर तक देश की बड़ी आबादी को टीका लगाने के बारे में भी मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री के सामने रूपरेखा रखी गयी। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर भी स्वास्थ्य क्षेत्र में ढांचागत तैयारियों और किसी भी आपात स्थिति में उठाये जाने वाले कदमाें पर भी बात की गयी।

कुछ अन्य मंत्रालयों के कामकाज की भी समीक्षा की गयी और संबंधित मंत्रियों ने मंत्रालयों की प्रमुख मौजूदा योजनाओं की प्रगति के साथ साथ भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सरकार के लिए गले की फांस बने किसान आंदोलन पर भी बैठक में गहन मंथन किया गया। किसानों के कल्याण से संबंधित सरकार की योजनाओं और नये कृषि कानूनों के फायदों को लोगों विशेष रूप से छोटे किसानों तक पहुंचाने पर बल दिया गया।

प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और इनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने मंत्रियों से लगातार दौरे करने और जन जन तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की रणनीति बनाने को कहा।

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