भारत अब उठ रहा है लेकिन सिर्फ महाशक्ति नहीं बल्कि विश्व गुरु बनने के लिए- मोहन भागवत

 
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत अब उठ रहा है लेकिन सिर्फ महाशक्ति बनने के लिए नहीं बल्कि विश्व गुरु बनने के लिए। संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस कथन को मोदी सरकार के कामकाज की प्रशंसा के तौर पर भी देखा जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं और उनकी पार्टी भाजपा यह दावा करती रही है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से दुनिया भर में भारत का महत्व बढ़ा है। अब आतंकवाद से लेकर पर्यावरण की रक्षा तक, हर मसले पर दुनिया के बड़े देश भारत की बात को सुन रहे हैं और समझ भी रहे हैं। भारत विकास परिषद द्वारा दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा कि तीन हिस्सों में बंटने के बावजूद भी हिंदुस्तान की हस्ती बनी हुई है, सब प्रकार के आक्रमणों को झेल कर भी आज हिंदुस्तान जिंदा है। उन्होने कहा कि अब भारत उठ रहा है लेकिन भारत केवल महाशक्ति बनने के लिए ही नहीं उठ रहा है बल्कि हमको विश्व गुरु बनना है और ऐसा विश्व गुरु बनना है जो आर्थिक, सामरिक , देश की मजबूती , देश की प्रकृति और पर्यावरण , हर मामले में नंबर वन हो।

दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित डॉ सूरज प्रकाश जन्म शताब्दी समापन समारोह में बोलते हुए संघ प्रमुख ने विकास का अर्थ अलग-अलग मायनों में समझाते हुए कहा कि भौतिक विकास का कोई औचित्य नहीं होता, जब समाज का चहुमुखी विकास होगा तभी देश का विकास होगा और यही सही मायनों में विकास है। उन्होने कहा कि विकास को लेकर भारत की अपनी अलग परिभाषा है और हमें यही डायनामिक दुनिया को देना है। कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने कहा कि बड़े लोग ट्रेंड सेट करते हैं। बड़े लोग जैसे चलेंगे बाकी लोग भी उन्हे फॉलो करेंगे।

संघ प्रमुख भागवत ने भारत विकास परिषद् की पुस्तक कॉफी टेबल और संघ के वरिष्ठ नेता भैया जी जोशी द्वारा दिए गए भाषणों पर संग्रहित पुस्तक का भी कार्यक्रम में विमोचन किया। इसके साथ ही संघ प्रमुख ने कोरोना महामारी के दौरान कार्य करने वाले अनेकों चिकित्सकों, नसिर्ंग स्टाफ और वार्ड बॉय को भी स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र देकर जनसेवा के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य-अतिथि के रूप में प्रसिद्ध उद्योगपत्ति महेंद्र कुमार धानुका और भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेंद्र सिंह संधू के अलावा संघ और परिषद से जुड़े कई नेता भी मौजूद रहे।

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