स्पूतनिक-वैक्सीन की पहली खेप पहुंची भारत, रूसी राजदूत ने कहा-मिलकर होगी कोविड के खिलाफ लड़ाई

 
स्पूतनिक-वैक्सीन की पहली खेप पहुंची भारत, रूसी राजदूत ने कहा-मिलकर होगी कोविड के खिलाफ लड़ाई

नई दिल्ली। रूस में निर्मित कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक-वी की पहली खेप शनिवार को यहां भारत पहुंच गई। भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने ट्वीट कर कहा कि भारत कोरोना की दूसरी घातक लहर से गुजर रहा है ऐसे में दोनों देश मिलकर बीमारी के खिलाफ लड़ाई को तैयार हैं।

स्पूतनिक की पहली खेप आज हैदराबाद पहुंची है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पहली खेप में 1.5 लाख खुराक हैं। वहीं भारत को रूस से अभी वैक्सीन की 50 लाख के करीब खुराक और मिलेगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर बताया कि स्पुतनिक-वी वैक्सीन की 1.5 लाख खुराक की पहली खेप भारत पहुंच गई है। यह उन लाखों खुराकों का एक हिस्सा है जो आगे देश को मिलेगी। इस वैक्सीन को देश में निर्मित किया जाएगा जिसका उपयोग भारत सहित रूस और तीसरे देश के लिए होगा। यह भारत और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे विशेष रणनीतिक भागीदारी दर्शाता है। रूस से भारत को मिली वैक्सीन महामारी के खिलाफ एक हथियार का काम करेगी।

रूसी राजदूत का कहना है कि स्पूतनिक दुनिया में सबसे प्रभावशाली वैक्सीन है और वायरस के नए विकृत रूपों पर भी कारगर है। जल्द ही इसका भारत में निर्माण होगा और 85 करोड़ खुराक साल भर में निर्मित की जाएगी। रूस भारत के साथ कोरोना महामारी से निपटने के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।

From around the web