26 को यूपी गेट पर किसान महापंचायत, पश्चिम यूपी के हर जिले से जाएंगे दस ट्रैक्टर  

 
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मेरठ। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को आगामी 26 नवंबर को एक साल होने वाला है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के साथ ही किसानों से आंदोलन खत्म कर घर जाने की अपील की। लेकिन किसान अभी एमएसपी की मांग को लेकर अड़े हुए है। क्योंकि पीएम ने एमएसपी पर कानून बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं की। जिसके चलते अब आंदोलन को एक साल पूरा होने पर 26 नवंबर को यूपी गेट पर महापंचायत होगी। जिसमें पंजाब और हरियाणा के अलावा पश्चिमी यूपी के किसानों का शक्ति प्रदर्शन होगा। जिसके चलते पश्चिम यूपी के हर जिले के किसानों को दस-दस ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ यूपी गेट आने का आह्वान किया गया है।
ये होगा महापंचायत का मुद्दा :
तीन कृषि कानूनों की वापसी के एलान के बाद अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून बनवाने के लिए भाकियू ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले के किसानों को जिम्मेदारी दी है। महापंचायत की तैयारियों को लेकर मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की। इसके साथ ही भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि अभी किसानों के अधिकारों की आधी लड़ाई लड़ी गई है। जबकि इसमें एमएसपी, बिजली अमेंडमेंट बिल, गन्ना बकाया भुगतान, किसानों के फसल की बर्बादी व अन्य मुद्दों पर सरकार से वार्ता होनी है। मगर सरकार 22 जनवरी के बाद से गायब हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश से माफी तो मांगी, लेकिन हमारे कई मुद्दों को छोड़ दिया। 26 को होने वाली महापंचायत में किसान बिरादरी फिर से अपना शक्ति प्रदर्शन करेगी। इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले में किसानों को दस-दस ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ आंदोलन स्थल पर आना है। पंजाब से किसान यूपी गेट के लिए चल दिए हैं। जबकि यूपी के किसान भी 25 नवंबर की रात तक यहां पहुंच जाएंगे।

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