लखनऊ, वाराणसी और कानपुर में आठ अप्रैल से नाइट कर्फ्यू, स्कूल व कॉलेज बंद

 

लखनऊ, ।   कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ के निर्देश के बाद राजधानी लखनऊ, वाराणसी और कानपुर नगर में आठ अप्रैल से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है।  तीनों नगरों में स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं।

दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात वीडियों कांफेंसिंग के जरिए 500 से ज्यादा कोरोना संक्रमित वाले जिलों के जिलाधिकारियों को नाइट कर्फ्यू पर फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया था।

मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद सबसे पहले राजधानी लखनऊ में, फिर कानपुर नगर और उसके बाद वाराणसी के जिलाधिकारी ने गुरुवार रात से नाइट कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। नाइट कर्फ्यू के दौरान तीनों नगरों में केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही छूट होगी। लखनऊ में फिलहाल केवल नगर निगम क्षेत्र में इसे लागू किया गया है। ग्रामीण इलाकों में नाइट कर्फ्यू लागू नहीं होगा। 

लखनऊ में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू 

लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के अनुसार नगर क्षेत्र में आठ अप्रैल से रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। अभी उन्होंने यह आदेश 16 अप्रैल की सुबह छह बजे तक के लिए जारी किया है। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तु को लाने और ले जाने की छूट होगी। फल, सब्जी, दूध, एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और दवा की सप्लाई जारी रहेगी। रात्रि कालीन शिफ्ट के सरकारी, अर्ध सरकारी कार्मिक एवम् आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को छूट होगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट पर आने जाने वाले लोग अपना टिकट दिखा कर आ जा सकेंगे। हर प्रकार की मालवाहक गाड़ियों के आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। जिलाधिकारी के अनुसार दिन में सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक कोविड प्रोटोकाल के साथ सभी कार्य जारी रहेंगे। हालांकि स्कूल और कालेज बंद रहेंगे। 

वाराणसी में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू 

वाराणसी में आठ अप्रैल से एक सप्ताह के लिए नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। यह रात नौ बजे से शुरु होगा और सुबह तक जारी रहेगा। सुबह खत्म होने का समय गुरुवार को निश्चित होगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सुबह का समय अधिकारियों के साथ बैठक कर तय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नाइट कर्फ्यू के दौरान रात्रि शिफ्ट के कर्मचारियों व मालवाहक गाड़ियों के आवागमन हेतु रियायत रहेगी। दूध, सब्जी मंडी, दवा की दुकानों के लिए छूट रहेगी। दिन में चिकित्सा, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल संस्थानों को छोड़कर सभी सरकारी, गैर सरकारी, निजी विद्यालय, महाविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। परीक्षा और प्रैक्टिकल परीक्षा की स्थिति में विद्यालय या महाविद्यालय खोलने की छूट होगी। 

कानपुर नगर में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू 

कानपुर नगर के जिलाधिकारी आलोक तिवारी के अनुसार वहां गुरुवार रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लगेगा। कानपुर में नाइट कर्फ्यू 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान किसी भी व्यक्ति, वाहन आदि का आवागमन निषिद्ध रहेगा। केवल आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं के परिवहन को रियायत मिलेगी। जिलाधिकारी ने कक्षा 12 तक के सभी शिक्षण संस्थानों को भी बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि जहां परीक्षाएं अथवा प्रेक्टिल परीक्षाएं चल रही हैं उन्हें नहीं रोका गया है।  

मुख्यमंत्री ने दिए सख्ती के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात वीडियो कांफेंसिंग के जरिए उन जिलाधिकारियों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया जहां प्रतिदिन 100 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे हैं अथवा कुल संक्रमितों की संख्या 500 से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में जिलाधिकारियों को समुचित फैसला लेने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने 13 जिलों लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर तथा मुरादाबाद के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्क रहने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जिलों का औचक निरीक्षण करेंगे। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संकेत दिया कि सर्वाधिक प्रभावित 13 जिलों में रात्रि कफ्र्यू पर विचार किया जा सकता है।

श्री योगी ने कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित 13 जिलों की स्थिति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा करते हुए कहा कि लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद जिले में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। यहां केस की संख्या अधिक है। हालांकि पॉजिटिविटी दर में गिरावट हुई है।

उन्होने कहा कि इन जिलों में मास्क न लगाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए और हालात की निगरानी के लिए तत्काल विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाये। जिन जिलों में प्रतिदिन 100 से अधिक केस मिल रहे हैं, अथवा जहां कुल एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है, वहां माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में जिलाधिकारी स्थानीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लें। ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में भी समुचित निर्णय लिया जाए, लेकिन किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के आवागमन को बाधित न किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री अधिकारियों के साथ जिलों का दौरा करें। स्थिति को देखें और व्यवस्था सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दें। वह खुद भी अगले कुछ दिनों में प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जिलों का औचक निरीक्षण करेंगे। सभी जिलों में पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थरमामीटर, सैनिटाइजर, एंटीजन किट सहित सभी आवश्यक लॉजिस्टिक की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

उन्होने कहा कि आपदाकाल में हमें एकजुट होकर काम करना होगा। सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों के एम्बुलेंसों को कोविड मरीजों के उपयोग में लाया जाए। इन एम्बुलेंसों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जाए।मरीजों को तत्काल रिस्पॉन्स मिलना चाहिए।

श्री योगी ने कहा कि जिन जिलों में जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी संक्रमित हैं, वहां संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की भूमिका बढ़ाई जाए। सीएमओ की अनुपस्थिति हो तो एडी हेल्थ स्तर के अधिकारी सेवाएं दें। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सैनिटाइजेशन, स्वच्छता आदि का विशेष महत्व है।

उन्होने कहा कि रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट तथा बस अड्डे पर रैपिड एन्टीजन टेस्ट की व्यवस्था को और प्रभावी किया जाए। अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से विशेष ट्रेन भी संचालित होगी। ऐसे में गोरखपुर, गोंडा, बस्ती व आसपास के क्षेत्रों में खास सतर्कता बरते जाने की जरूरत है। महाराष्ट्र के साथ-साथ दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण की स्थिति तेजी से खराब हो रही है। ऐसी स्थिति में वहां निवासरत उत्तर प्रदेश के नागरिकों की वापसी संभावित है। पँचायत चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही है। आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण होंगे। पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के सभी जिलों ने कोविड प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया था, इस बार भी हम टीम वर्क से इस लड़ाई को जरूर जीतेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी दिया था निर्देश

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एक दिन पहले राज्य सरकार को निर्देशित किया था कि देर शाम समारोहों में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही सरकार रात्रि कर्फ्यू लगाने पर भी विचार करे। यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने कोरोना संक्रमण मामले की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया था। अदालत ने सभी नागरिकों का वैक्सीनेशन करने और घर-घर जाकर टीके लगाने पर भी सरकार को विचार करने को कहा था। 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को प्रदेश में 24 घंटे के अंदर कोरोना के 6023 नए मामले मिले। वहीं 40 मरीजों की मौत भी हो गई। सबसे अधिक 1333 संक्रमित राजधानी लखनऊ में पाए गए। वहीं प्रयागराज में 811, वाराणसी में 593, कानपुर नगर में 300, झांसी में 188 और गोरखपुर में 159 नए संक्रमित मरीज मिले।

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