प्रधानमंत्री ने देश में कोरोना और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा की

 
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नयी दिल्ली-कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों की चिंताजनक स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की तथा राज्यों को महामारी से निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर फोकस करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश में स्वास्थ्य ढांचागत सुविधाओं तथा तैयारियों , चिकित्सा ऑक्सीजन की उपलब्धता और वैक्सीन के उत्पादन, आपूर्ति और उसके वितरण पर विशेष रूप से चर्चा की। बैठक में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले वाले राज्यों महाराष्ट्र और केरल आदि के बारे में मुख्य रूप से बातचीत की गयी। प्रधानमंत्री को देश भर में जिलेवार स्थिति तथा वहां की जा रही जांच तथा अन्य उपायों के बारे में जानकारी दी गयी।

श्री मोदी ने वायरस के नये स्वरूपों पर नजर रखने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जरूरत पर बल दिया। राज्यों से कहा गया है कि वे वायरस के नये स्वरूपों के बारे में आंकड़े संबंधित एजेन्सियों और संस्थाओं के साथ साझा करें।

प्रधानमंत्री ने 'कोविड आपात पैकेज - दो' के तहत बच्चों के लिए अस्पतालों में बिस्तर क्षमता में वृद्धि और अन्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। राज्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक देखभाल और ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को नया स्वरूप देने और जरूरी सुविधाओं से लैस करने की सलाह दी गयी। राज्यों को जिला स्तर पर कोरोना और म्यूकोर्मिकोसिस के प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के लिए बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए कहा गया है।

श्री मोदी को अलग वार्डों में बिस्तरों, ऑक्सीजन बिस्तरों , आईसीयू और पीडियाट्रिक आईसीयू तथा पीडियाट्रिक वेंटिलेटर की संख्या में वृद्धि के बारे में जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि आने वाले समय में इनमें और बढोतरी की जायेगी।
प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण की अधिक से अधिक जांच पर बल दिया जिसपर अधिकारियों ने उन्हें 433 जिलों में जांच कार्य में दिये जा रहे सहयोग की जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्य किये जाने की जरूरत है। अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल ऑक्सीजन के भंडारण के लिए टैंक और पाइपलाइन स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही हर ब्लाक में एम्बुलेंस सुविधा सुनिश्चित करने के लिए इनका नेटवर्क बढाने के लिए उठाये जा रहे कदमों की जानकारी भी दी गयी। राज्यों को लगभग एक लाख ऑक्सीजन कंसंटेटर और 3 लाख ऑक्सीजन सिलेंडर दिये जाने के बारे में भी बैठक में बताया गया।
प्रधानमंत्री को बताया गया कि देश की करीब 58 फीसदी वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली जबकि 18% को दूसरी खुराक मिल गई है। वैक्सीन पाइपलाइन और टीकों की आपूर्ति बढ़ाने के बारे में भी जानकारी साझा की गयी।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, स्वास्थ्य सचिव, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) और अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

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