राहुल-प्रियंका ने की राष्ट्रपति से मुलाकात, गृह राज्य मंत्री को हटाने, सुप्रीमकोर्ट के जज से जांच की मांग 

 
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नयी दिल्ली - उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने गए कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को जब तक बर्खास्त नहीं किया जाता तब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति परिसर के बाहर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले हम लखीमपुर खीरी में जिन परिवारों के सदस्यों को कुचला गया, उनसे बातचीत की थी, जिससे पता चला कि सबसे पहले वे चाहते है कि जिस व्यक्ति ने हत्या की है, उसको सजा मिले और जिस व्यक्ति ने हत्या की है उसके पिता देश के गृह राज्यमंत्री है, इसलिए जब तक वह केंद्र सरकार में मंत्री  है तब तक सही जांच नही हो सकती और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सकता है।

उन्होंने कहा "हमने राष्ट्रपति से कहा कि यह सिर्फ इन परिवारों की आवाज नहीं है, ये हिंदुस्तान के हर किसान की आवाज है। उस आवाज को कुचला जा रहा है, दबाया जा रहा है। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने हत्या से पहले देश के सामने कहा है कि 'सुधरोगे नहीं, तो मैं सुधार दूंगा।' मतलब किसानों को धमकी दी और फिर उस धमकी पर एक्शन लिया और किसानों को मारा।"

श्री गांधी ने आगे कहा " राष्ट्रपति जी से कहा कि जब तक ये व्यक्ति मंत्री पद पर है, तब तक न्याय नहीं मिल सकता। इस मंत्री को हटा देना चाहिए और उच्चतम न्यायालय की दो जजो से इसकी जांच कराई जानी चाहिए। जिन्होंने भी हत्या की है। मर्डर किया है, उनको सजा मिलनी चाहिए।"

राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों पर अन्याय हुआ, उनको कुचला गया है और इस बारे में राष्ट्रपति को विस्तार से जनकारी दी गयी है। उन्होंने कहा, "हमारी दो मांगे हैं एक तो सुप्रीम कोर्ट के दो सिटिंग न्यायाधीशों से इसकी स्वतंत्र जांच हो और  गृह राज्य नंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या उनको बर्खास्त करना चाहिए, उसी के बाद न्याय मिलेगा।"
श्रीमती वाड्रा ने कहा "हम जब लखीमपुर में शहीद किसान और पत्रकार रमेश कश्यप के परिजनों से मिले, तो वे सिर्फ न्याय चाहते हैं और उनके लिए न्याय का मतलब ये है कि सिटिंग न्यायाधीशों द्वारा जांच की जाए, एक निष्पक्ष जांच हो। गृह राज्य मंत्री एक अपराधी के पिता हैं, उनकी बर्खास्तगी की जाए। जब तक इनकी बर्खास्तगी नहीं होगी तब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती और अपराधियों को सही तरह से सजा नहीं मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि यह केवल शहीद किसानों और शहीद हुए पत्रकार के परिजनों की मांग नहीं है बल्कि यह उत्तर प्रदेश की सारी जनता की मांग है और देश में जिस भी व्यक्ति की सही सोच होगी यह उसकी भी मांग है।
श्रीमती वाड्रा ने कहा, "इस देश में न्याय की उम्मीद कभी बुझनी नहीं चाहिए और आज जो हम देख रहे हैं, उससे सरकार पूरे देश को ये संदेश दे रही है कि आपको न्याय नहीं मिलेगा। अगर आप गरीब हैं, दलित हैं, किसान हैं, महिला हैं तो आपके लिए न्याय नहीं है, कानून नहीं है और अगर आप सत्ताधारी हैं, भाजपा के मंत्री हैं, तब कानून आप पर लागू नहीं हो सकता। जो शहीदों के परिवार हैं, उनकी ओर से हमने उन्हीं की मांग उठाई है और हमें आशा है कि राष्ट्रपति इस बारे में कार्रवाई जल्दी ही करेंगे।"
राष्ट्रपति की तरफ से इस बारे में कोई आश्वासन मिलने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, " राष्ट्रपति जी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आज ही वह सरकार से इस पर चर्चा करेंगे।"

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