बंगाल में तृणमूल, असम-पुड्डुचेरी में राजग, केरल में वाम मोर्चा को सत्ता , तमिलनाडु में द्रमुक बहुमत की ओर अग्रसर

 
बंगाल में तृणमूल, असम-पुड्डुचेरी में राजग, केरल में वाम मोर्चा को सत्ता , तमिलनाडु में द्रमुक बहुमत की ओर अग्रसर

नयी दिल्ली,- पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी की है, हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव हार गयी हैं जबकि पड्डुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया है, वहीं केरल में वाम मोर्चा सत्ता में वापसी की है, जबकि तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक को करारा झटका देते हुए द्रमुक सत्ता हासिल करने की ओर अग्रसर है।
पश्चिम बंगाल में 285 सीटाें के नतीजे आ चुके हैं और सात पर विभिन्न पार्टियां बढ़त बनायी हुयी हैं। इनमें से तृणमूल ने 208 सीटों पर जीत हासिल की है और पांच सीटों पर आगे चल रही है जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर कांटे की टक्कर में भाजपा के शिवेन्दु अधिकारी से करीब 1957 मतों से चुनाव हार गयी हैं। भाजपा ने 75 सीटें जीती हैं और दो सीटों पर बढ़त बना रखी है। राज्य में निर्दलीय के खाते में अभी तक दो सीट आई है।
तृणमूल प्रत्याशी अरूप विश्वास ने टॉलीगंज सीट जीत ली है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार एवं केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को 50 हजार से अधिक मतों से करारी शिकस्त दी है।
केरल में सभी 140 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 62 सीटें जीती हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के खाते में 17 सीटें आयी हैं। वहीं कांग्रेस को 21 सीटें मिली हैं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 15 सीटें जीती हैं।
तमिलनाडु में 234 सीटों में से 145 सीटों के नतीजे आ चुके हैं और विभिन्न दल 89 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। अन्नाद्रमुक ने 39 सीटें जीती हैं और वह 29 पर आगे चल रही है जबकि द्रमुक के खाते में 85 सीटें आयी हैं तथा वह 47 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस को अभी तक नौ सीटें मिली हैं और वह आठ सीटों पर आगे चल रही है।
पुड्डुचेरी में सभी 30 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। इनमें आल इंडिया एन आर कांग्रेस ने 10 सीटें जीत ली है। भाजपा, द्रमुक तथा निर्दलीय को क्रमशः छह-छह सीटें मिली हैं। वहीं कांग्रेस दो सीटों पर सिमट कर रह गयी है।
असम में 118 सीटाें के परिणाम घोषित किये जा चुके हैं और आठ सीटों पर विभिन्न पार्टियों की बढ़त जारी है। भाजपा ने 55 सीटें जीत ली हैं और पांच पर आगे चल रही है। राज्य में कांग्रेस के 28 उम्मीदवार जीत हासिल करने में कामयाब हो गये हैं और एक सीट पर आगे हैं।
सुश्री बनर्जी ने आज शाम कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी को सहयोग नहीं किया और वह इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय जायेंगी। उन्होंने कहा कि यह जीत बंगाल की जीत है। उन्होंने नंदीग्राम सीट से अपनी पराजय स्वीकार करते हुए कहा,“ नंदीग्राम के बारे में चिंता मत करिए, मैंने नंदीग्राम के लिए आंदोलन किया था और वहां संघर्ष किया है। नंदीग्राम के लोगों ने जो जनादेश दिया है, उसे मैं स्वीकार करती हूं। तृणमूल कांग्रेस ने 221 से अधिक सीटें जीती हैं। भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम एक सादे समारोह के रूप में होगा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना का काम देर रात जारी है। निर्वाचन आयोग ने 234 में अब तक 187 सीटों के परिणाम घोषित किए हैं। इनमें द्रमुक 105 सीटों पर जीत प्राप्त कर चुकी है और 27 पर बढ़त बनाए हुए है। जबकि अन्नाद्रमुक को 54 सीटों पर जीत मिली है और 13 सीटों पर वह आगे है।

इस तरह तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा पाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधानसभा चुनाव में जीत पर स्टालिन को बधाई है। प्रधानमंत्री ने रविवार को ट्वीट कर कहा है कि 'तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत के लिए बधाई। हम राष्ट्र की प्रगति में मिलकर काम करेंगे। क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करेंगे और साथ मिलकर कोविड-19 महामारी को हराएंगे।' इन दौरान प्रधानमंत्री ने राजग के पक्ष में वोट करने के लिए तमिलनाडु की जनता का भी आभार जताया।

यहां भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटें मिली हैं और पार्टी एक सीट पर बढ़त बनाई हुई है। वहीं कांग्रेस पार्टी 13 सीटें अपने नाम कर चुकी है और पांच सीटों पर आगे चल रही है।

तमिलनाडु में कई पार्टियां चुनाव मैदान में थी। लेकिन सीधा मुकाबला द्रमुक के एमके स्टालिन और अन्नाद्रमुक के ई. पलानिस्वामी के बीच था।

केरल की जनता ने पिनराई विजयन में एक बार फिर विश्वास व्यक्त क्या है। निर्वाचन आयोग ने सभी 140 सीटों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इनमें सीपीएम की अगुवाई वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को कुल 97 और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 41 सीटें मिली हैं। दो सीटों पर अन्य उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। 

रविवार देर रात निर्वाचन आयोग ने राज्य विधानसभा की कुल 140 सीटों के परिणाम घोषित किए। इनमें 97 सीटें वाम नेतृत्व वाली एलडीएफ के नाम रही। इसका नेतृत्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कर रहे थे। दूसरी तरफ यूडीएफ को 41 सीटें मिली हैं। 

सूबे में एलडीएफ का नेतृत्व करने वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्‍ससिस्‍ट) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, उसे 62 सीटें मिली हैं। जबकि कांग्रेस पार्टी को 21 सीटों से संतोष करना पड़ा है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 15 सीटें मिली हैं। 

राज्य में 140 विधानसभा सीट के लिए 6 अप्रैल 2021 को वोट डाले गए थे। इस दौरान करीब 73 फीसद मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। 

उल्लेखनीय है कि 2016 के विधानसभा चुनाव में वाम नेतृत्व वाली एलडीएफ ने 83 सीटें जीतकर यूडीएफ को सत्ता से बाहर कर दिया था। तब यूडीएफ को 47 सीटें मिली थीं। 2021 के चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ सत्ता में लौटने का सपना देख रही थी, लेकिन उसे बहुमत हासिल नहीं हो पाया है। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भी केरल चुनाव को प्रभावित करने के लिए रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रही थी, लेकिन उसे कोई सफलता हाथ नहीं लगी।  

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