अमरिंदर का कड़ा रूख बरक़रार- सिद्धू के माफी मांगने तक उनसे मिलूंगा नहीं

 
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चंडीगढ़, | पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को अपने रुख को सख्त करते हुए स्पष्ट किया कि वह पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक वह सार्वजनिक रूप से उनसे माफी नहीं मांग लेते। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने एक ट्वीट में कहा, "शेरीऑनटॉप द्वारा कैप्टन अमरिंदर से मिलने के लिए समय मांगे जाने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं।"

उन्होंने कहा, "कोई समय नहीं मांगा गया है। रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक कि वह अपने खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अपमानजनक सोशल मीडिया हमलों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांग लेते।"

इससे पहले दिन में, राज्य के कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने सिद्धू की नई राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में नियुक्ति का स्वागत किया, लेकिन मुख्यमंत्री के साथ अपने मुद्दों को हल करने तक उनके साथ व्यक्तिगत बैठक करने से इनकार किया।

मोहिंद्रा ने एक बयान में कहा कि सिद्धू को नियुक्त करने का फैसला आलाकमान ने लिया है और यह स्वागत योग्य है।

उन्होंने कहा, "हालांकि, मैं उनसे (सिद्धू) तब तक नहीं मिलूंगा, जब तक कि वह मुख्यमंत्री से नहीं मिल जाते और उनके साथ अपने मुद्दों का समाधान नहीं कर लेते।"

उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं और वह उनका अनुसरण करने के लिए बाध्य हैं।

बिजली संकट और बेअदबी के मुद्दे पर अपनी सरकार को निशाना बनाने के लिए सिद्धू से कथित रूप से नाराज अमरिंदर सिंह ने सिद्धू की नियुक्ति से एक दिन पहले 17 जुलाई को राज्य पार्टी प्रभारी हरीश रावत से स्पष्ट रूप से कहा था कि कोई मेल-मिलाप नहीं होगा। दोनों के बीच जब तक सिद्धू सार्वजनिक रूप से अपने अपमानजनक ट्वीट और साक्षात्कार के लिए माफी नहीं मांगते।
इसी बीच पंजाब के मंत्री ब्रह्म महिंद्रा ने मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू की राज्य इकाई के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का स्वागत किया, लेकिन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ अपने मुद्दों को हल करने तक उनके साथ व्यक्तिगत बैठक करने से इनकार कर दिया। महिंद्रा ने एक बयान में कहा कि सिद्धू को नियुक्त करने का फैसला आलाकमान ने लिया है और यह स्वागत योग्य है।

महिंद्रा ने कहा, हालांकि, मैं उनसे (सिद्धू) तब तक नहीं मिलूंगा, जब तक कि वह मुख्यमंत्री से नहीं मिल जाते और उनके साथ अपने मुद्दों का समाधान नहीं कर लेते।

उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं और वह उनका अनुसरण करने के लिए बाध्य हैं।

सीएलपी नेता होने के अलावा, मुख्यमंत्री उस कैबिनेट का भी नेतृत्व करते हैं, जिसमें वह एक हिस्सा हैं।

मंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक नव-नियुक्त राज्य प्रमुख सिद्धू अमरिंदर सिंह के साथ सभी मुद्दों को नहीं सुलझाते, तब तक ऐसी कोई संभावना नहीं है, कि वह उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।

महिंद्रा ने कहा, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और इसलिए, जब तक उनके और सीएम के बीच के मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, मैं नवनियुक्त अध्यक्ष से मिलने से परहेज करूंगा।

राज्य में विधानसभा चुनाव होने से कुछ महीने पहले सिद्धू की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री सिंह के विरोध के बावजूद पार्टी आलाकमान द्वारा सिद्धू को राज्य की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री और सिद्धू के बीच मतभेद खत्म नहीं हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने अभी तक सिद्धू को उनकी नियुक्ति के लिए बधाई नहीं दी है। साथ ही सिद्धू शिष्टाचार के नाते उनसे मिलने नहीं गए हैं।

दोनों अपनी निष्ठा दिखाने के लिए नेताओं के साथ बैठकें करते रहे हैं।

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