Sunday, May 26, 2024

मेरठ में फसलों पर मंडराया सिंचाई का संकट, रजबहों और माइनरों में पानी कम

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मेरठ। पहाड़ी क्षेत्र में अपेक्षित बर्फ नहीं पिघलने से गंगनहर में पानी की मात्रा कम होने लगी है। इससे मुजफ्फरनगर से मथुरा तक तीन लाख 73 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। गंगनहर में 7376 क्यूसेक पानी है, जबकि सिंचाई विभाग ने 12 हजार क्यूसेक की मांग की थी। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना के चलते पानी नहीं मिल रहा है। जिले के 88 रजबहों और माइनरों में केवल 25 में ही पानी बह रहा है।

 

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गेहूं की कटाई के बाद किसानों ने ईख और चारे की फसल की बुआई शुरू कर दी है। प्रत्येक वर्ष मई महीने में मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार गंगनहर के सिंचित क्षेत्र के किसान पर्याप्त पानी नहीं आने से चिंता में डूबे हैं। जिले में मांग के अनुरूप केवल 25 प्रतिशत पानी ही मिल रहा है।

 

पहाड़ी क्षेत्र में इस बार बर्फ कम पिघलने से दिक्कत आई है। दूसरी बड़ी वजह यह है कि टिहरी बांध परियोजना के जलाशय से भी पानी नहीं मिल रहा है। एक अप्रैल को 23878 क्यूसेक पानी मिला, जबकि शुक्रवार को 7376 क्यूसेक पानी ही रह गया है। मेरठ से अधीक्षण अभियंता ने 12 हजार क्यूसेक पानी की मांग भेज रखी है।

 

सिंचाई विभाग की अधिशासी अभियंता शालिनी कौशल का कहना है कि विभाग जल्द ही जल समस्या का समाधान कराने के प्रयास कर रहा है।

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