मोटापे से बचें, जाने कैसे ?

 
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आजकल लोग मोटापे की वजह से काफी परेशान व चिन्तित हैं। उनकी समझ में नहीं आता कि क्या करें? मोटापा एक ऐसा रोग है जिसमें अपना ही शरीर बोझ लगने लगता है। चलने फिरने में दिक्कत महसूस होने लगती है। आखिर यह मोटापा क्या बला है? क्यों होता है मोटापे का रोग?
हमारा शरीर हड्डियों का एक ढांचा है। इस ढांचे के अंग प्रत्यंगों को ढंकने के लिए चर्बी की आवश्यकता होती हैं। यही चर्बी जब आवश्यकता से अधिक हो जाती है तो मोटापे का रूप धारण कर लेती है। इसे ही हम मोटापा कहते हैं।
मोटापा किन कारणों से होता है, कारण स्पष्ट है। जब शरीर में चर्बी की मात्रा अधिक होती है तो मोटापा बढ़ता है। अधिक चिकने पदार्थों, मित्रई व तली चीजों का प्रयोग, कम शारीरिक श्रम करना, दिन में सोना आदि अनेक कारणों से शरीर में चर्बी की अधिकता हो जाती है। थायराइड व पिट्यूटरी ग्लैडस का ठीक से काम न करना या अधिक कार्य करना भी चर्बी अधिक मात्रा में बनने का कारण है।
सबसे पहले चर्बी का प्रभाव स्तनों पर पड़ता है, उसके बाद पेट व कूल्हों पर पड़ता है। पेट व कूल्हे भारी हो जाते हैं। दम फूलना, थकावट होना, प्यास अधिक लगना, शरीर में अधिक गैस बनना व कब्ज रहना तथा अधिक मात्रा में पसीना आना शुरू हो जाता है तथा शरीर एकदम सुस्त हो जाता है।
चर्बी की अधिकता के कारण रक्त की नाडिय़ां पतली पड़ जाती हैं जिसकी वजह से शरीर में रक्त का दौरा ठीक प्रकार से नहीं हो पाता है। शरीर में गर्मी कम हो जाती है। जोड़ों पर सूजन आ जाती है जिसकी वजह से गठिया रोग की संभावना बढ़ जाती हैं शरीर की कमजोरी की वजह से मधुमेह, हृदय रोग, अम्ल पित्त, ब्लड प्रेशर, बवासीर आदि अनेक रोग हो सकते हैं।
बचाव के उपाय:- उपरोक्त कष्टों को दूर करने का तरीका है मोटापा दूर करना अर्थात चर्बी कम करना। वैसे यह कठिन कार्य है पर असंभव नहीं। भोजन में परहेज करके इससे काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि भोजन में तली हुई चीजें, मीट, अंडे तुरन्त बंद कर दें। साथ ही जितनी भूख है, उससे कम ही खायें। चिकनी खुराक, चाट, उड़द की दाल, चावल, घी, मक्खन का बिलकुल ही प्रयोग न करें।
खाने में ताजी हरी सब्जियों में गाजर, मूली, बंदगोभी, टमाटर, शलजम और फलों में पपीता, संतरा, अमरूद, जामुन, खरबूजा आदि का अधिक प्रयोग करे। मिर्च मसालों से परहेज करें।
यह आवश्यक नहीं है कि केवल आहार पर नियंत्र्त्रण से ही मोटापा कम किया जा सकता है। इसके लिए शारीरिक श्रम भी आवश्यक है। प्रत्येक दिन सूर्योदय के पहले, खुली हवा में खूब टहलें, उसके बाद नियमित रूप से व्यायाम करें। रस्सी कूदना, साइकिल चलाना, योग करना, दौड़ लगाना, आदि के द्वारा भी मोटापा कम करने में सहायता मिलती है। सुबह के समय नींबू व शहद का शर्बत कुछ महीने पीने से मोटापा काफी कम हो जाता है। सर्दियों में गर्म पानी से एवं गर्मियों में ताजे पानी से लें।
मोटापा हटाने में आपको कितनी सफलता मिलती है, यह आपके संयम और धैर्य पर निर्भर करता है। इसके लिए आप तालिका बना लें। सप्ताह में एक बार अपना वजन अवश्य चेक करें जिससे पता चले कि आपका वजन कितना घटा है।
याद रखें मोटा होना आसान है लेकिन उससे मुक्ति पाना कठिन कार्य हैं इसलिए खान-पान के प्रति काफी सचेत रहें।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव

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