आवश्यक है आंखों की देखभाल

 
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वैसे तो मनुष्य के शरीर के सभी अंग अति महत्वपूर्ण हैं मगर आंखें हमारे शरीर का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग हैं। इसके बिना जीवन नीरस है। आंखों की बदौलत ही हम संसार की अनेक वस्तुएं, बदलते रंग आदि देख सकते हैं।
आजकल देखा जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों की आंखों पर चश्मे लगे होते हैं जो कमजोर आंखों की निशानी है। यह सब आंखों की उचित देखभाल न करने का परिणाम है। हमें यह सदैव ध्यान रखना चाहिए कि कुदरत ने हमें ये दो अनमोल रत्न दिए हैं जिन्हें संभालकर रखना हमारा कर्तव्य बनता है। यदि आप नहीं चाहते कि आपकी आंखें कमजोर हों तो निम्न उपाय करें।
- विटामिन 'ए' आंखों के स्वास्थ्य के लिए एक अति लाभदायक तत्व है अत: भोजन में विटामिन 'ए' का प्रयोग अधिक करें। इसके अलावा हरी सब्जियां, पपीते आदि का सेवन भी आंखों के लिए लाभप्रद है।
- कम रोशनी में पढऩा आंखों को कमजोर बनाता है अत: पर्याप्त प्रकाश में ही कार्य करें।
- बच्चों की आंखों में काजल लगाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें। गंदे हाथों से काजल लगाने से आंखों को हानि पहुंचती है।
- टीवी, कंप्यूटर से निकलने वाली प्रकाश की किरणों से आंखों की रोशनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है अत: अधिक टी. वी. देखने से बचें व बच्चों को भी दूर रखें।
- बच्चों को चाकू, सुई या अन्य नुकीली वस्तुओं से दूर रखें क्योंकि बच्चा वस्तु को हाथ में पकड़कर सीधा चेहरे की तरफ ले जाता है।
- प्रात: सांय आंखों में ठंडे पानी के छींटे मारें। काम की अत्यधिक थकान हो या अधिक देर तक पढऩे से आंखें थकान से बोझिल हों तो तौलिये को ठंडे पानी में भिगोकर आंखों पर रखकर कुछ देर आराम करें।
- बच्चों को ऐसे नुकीले खिलौने कभी न दें जिनसे चोट लगने का खतरा हो।
- महिलाएं सब्जी को छौंक लगाते समय अपने चेहरे को थोड़ा पीछे रखें ताकि छौंक के दाने उनकी आंखों में न पड़ सकें।
- आंखों का कोई भी रोग साधारण नहीं होता, अत: रोग लग जाने पर तुरंत योग्य चिकित्सक की सलाह लें वर्ना आंखों की रोशनी जाने का डर बना रहता है।
- भाषणा गुप्ता

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